Ranchi : फर्जी तरीके से कीमती जमीन पर मालिकाना हक हासिल करने वाले तीन भूखंड को ED ने अस्थाई रूप से जब्त कर लिया है। CO से लेकर DC तक को मैनेज कर भूमाफियाओं ने गलत तरीके से उक्त भूखंडों का म्यूटेशन करा लिया था। रजिस्ट्रार तक बिक गये थे। बिकाऊ सिस्टम के खरीदार बने जमीन माफियाओं की लिस्ट मोटी होती जा रही है। ED ने पहली दफा बड़े जमीन माफियाओं के असली चेहरे को बेनकाब किया है। ED जांच से खुलासा हुआ है कि झारखंड में माफिया द्वारा अवैध तरीके से जमीन का मालिकाना हक बदलने का बड़ा गोरखधंधा चल रहा है। इसमें कई राजनेता, बिल्डर, IAS, IPS और चिंदी चोर टाइप के कुछ कथित पत्रकार शामिल हैं। एक पत्रकार ने एक बड़े जमीन माफिया से रजिस्ट्रार और CO को मैनेज करने के नाम पर मोटी रकम खा गये। वहीं, दो चिंदी चोर नक्शा पास कराने के नाम पर अपनी इमारत खड़ी कर ली।
जांच से खुलासा हुआ है कि गिने-चुने भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों द्वारा जमीन माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए भूमि के स्वामित्व रिकॉर्ड भी फर्जी बनाये। वहीं, जाली भूमि अभिलेखों और दस्तावेज में हेराफेरी कर जमीन बेच दिये जाते हैं। फिलहाल ED ने रांची में चेशायर होम रोड, पुगरू और सिरम टोली स्थित 161.64 करोड़ रुपये के तीन भूमि पार्सल को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। जमीन घोटाला मामले में अब तक 14 संदेही गुनाहगारों विष्णु कुमार अग्रवाल, अमित कुमार अग्रवाल, रांची के पूर्व DC छवि रंजन, प्रदीप बागची, अफसर अली, सद्दाम हुसैन, इम्तियाज अहमद, तल्हा खान, फैयाज खान, भानु प्रताप प्रसाद, दिलीप कुमार घोष के नाम उछलकर सामने आये हैं। वहीं राजेश राय, भरत प्रसाद और प्रेम प्रकाश को अरेस्ट कर लिया गया है। तीनों फिलहाल जेल में है।
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