Hazaribagh(Sunil Sahu) : हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अस्थि रोग विभाग ने पहली बार एक जटिल सर्जरी को बेहतरीन तरीके से पूरा किया। बीते 29 जनवरी को सड़क हादसे में रीढ़ की हड्डी टूट जाने के बाद लगभग 35 साल के पप्पू भुइयां को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया। अत्यंत जटिल माने जाने वाले रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. शशि कांत सिंह और डॉ. संजीव कुमार सिंह ने किया। जिनकी टीम ने पूरी कुशलता से यह दुर्लभ ऑपरेशन कर दिखाया। यह कामयाबी मिल पाई हजारीबाग की DC नैंसी सहाय की दूरदर्शी पहल से। कुछ माह पूर्व DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) मद से हड्डी रोग विशेषज्ञ और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की गई थी, जिससे अब हजारीबाग में भी जटिल ऑपरेशन किये जा रहे हैं। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञ डॉ शशि कांत सिंह, डॉ संजीव कुमार सिंह, डॉ सुप्रभात, प्रिया, रामाशीष, राजू, कुंदन, विनोद और सिस्टर संजना और रोशनी की सराहनीय भूमिका रही।
सफल ऑपरेशन करने के बाद डॉ. शशि कांत सिंह ने कहा,“यह सर्जरी केवल चिकित्सा जगत के लिये नहीं, बल्कि हजारीबाग के लोगों के लिये एक मील का पत्थर है। अब रीढ़ की हड्डी जैसी जटिल सर्जरी के लिये मरीजों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” वहीं, डॉक्टरों ने कहा कि अब आयुष्मान भारत योजना के तहत हजारीबाग में ऐसे जटिल ऑपरेशन किये जा सकते हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों में ही संभव थे। यह उन मरीजों के लिये राहत की बात है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से बड़े अस्पतालों में इलाज नहीं करवा पाते थे।
सफल ऑपरेशन के बाद पप्पू भुइयां के परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलके आये। मरीज के भाई ने कहा,
“हमने सोचा था कि हमें बड़े शहर जाना पड़ेगा, लेकिन हजारीबाग में ही यह इलाज संभव हो पाया। हम सरकार और डॉक्टरों के शुक्रगुजार हैं।”






