Palamu (Akhilesh Kumar) : ”नाश्ता-खाना ठीक से नहीं मिलता, अगर खाना मिल जाता है तो पीने को पानी नहीं मिलता। कंठ सूख जाता है। पानी के लिये छटपटा जाते हैं, पर इन्हें देखने-सुनने वाला कोई नहीं। शिकायत करने पर पनिशमेंट मिलता है, वहीं स्कूल में पढ़ाई-लिखाई भी बहुत बढ़िया नहीं। स्कूल के कुछ लोगों का बर्त्ताव भी बहुत खराब है।” यह इल्जाम है पलामू के चैनपुर प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की छात्राओं का। स्कूल में पढ़ने वाली करीब 41 छात्राएं आज सड़क पर उतर आई।
दौड़ते-हांफते चैनपुर से मेदिनीनगर में DC शशि रंजन के दफ्तर तक पहुंच गई। DC ने जैसे ही जाना कि 3 किलोमीटर तक दौड़ती-हांफती हुई कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल की छात्राएं अपना दुख-दर्द उन्हें बताने आई है तो वह अपने चैंबर से बाहर निकले और छात्राओं से मिले। लगातार दौड़ने से कुछ छात्राएं अचेत हो गई थी। DC ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल भेजा।
बाकी छात्राओं ने DC को बताया कि बीते 1 माह से उन्हें पीने को पानी नहीं मिल पाता। घोर दिक्कत है। बीती रात भी उन्हें पीने को पानी नहीं मिला। स्कूल के बगल में कोयल नदी का तट है, फिर भी यह हाल है। स्कूल में कभी समय पर खाना-पीना नहीं मिलता। वहीं स्कूल के कुछ लोगों का बर्त्ताव बहुत खराब है। इस स्कूल में करीब 200 स्टूडेंट पढ़ाई-लिखाई करते हैं। DC शशि रंजन ने दुखी छात्राओं को भरोसा दिलाया कि बहुत जल्द उनका दुख दूर होगा। DC ने एक जांच कमेटी बना दी है। सुनें क्या बोली स्कूल की छात्रा और एसडीओ राजेश शाह…
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