Kohramlive : जहां पहले वोटिंग खत्म होने के घंटों बाद मतदाता टर्नआउट की खबर मिलती थी, अब वह हर दो घंटे में आपके मोबाइल स्क्रीन पर दस्तक देती है। भारत निर्वाचन आयोग ने हाल ही में हुये गुजरात, केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल के उपचुनावों को तकनीक, पारदर्शिता और सुविधा का एक नया आदर्श बना दिया है। वहीं, पहली बार, सभी मतदाताओं को मतदान केंद्र के बाहर ही मोबाइल जमा करने की सुविधा दी गई। जूट बैग और पिजनहोल बॉक्स ने मतदाताओं के हाथों से चिंता छीन ली। खासकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिये यह व्यवस्था बेहद उपयोगी साबित हुई। स्वयंसेवकों की तैनाती ने व्यवस्था को सरल और सम्मानजनक बनाया। ECINET ऐप के जरिए हर दो घंटे में मतदाता टर्नआउट की रिपोर्ट अपलोड की गई। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद ही पीठासीन अधिकारियों ने डेटा दर्ज किया। अब रात के 10 बजे या अगले दिन की प्रतीक्षा नहीं, डेटा लाइव है, पारदर्शिता जिंदा है। मतदान के दौरान हर बूथ से लाइव वीडियो फीड मिलेगा। RO, DEO, CEO सभी स्तरों पर स्पेशल मॉनिटरिंग टीम्स काम करेगी। यह प्रयोग अब आगामी बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों में भी उपयोगी साबित होगा। 20 वर्षों बाद SSR मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण भी हुआ। फैक्ट चेक, अपडेट और सुधार की दिशा में एक सशक्त कदम है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में ECI ने लोकतंत्र की परिभाषा को नये युग में प्रवेश कराया है।
चुनाव आयोग की नई उड़ान, उपचुनावों में टेक्नोलॉजी और ट्रांसपरेंसी का संगम
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