Kohramlive : नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और छात्रों के देशव्यापी प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी भावुक संदेश में उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं की सेवा उनके सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा संकल्प रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 3 मई 2026 को हुई नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितता सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। साथ ही अगले साल से नीट को CBT मोड में आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की निष्पक्ष परीक्षा कराना थी। “मैंने पहले दिन से इसकी जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी इस परिस्थिति से मुंह नहीं मोड़ा। हमारा संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया की वजह से बर्बाद न हो।” प्रधान ने 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी परिणामों का उल्लेख करते हुये कहा कि गरीब और साधारण परिवारों के कई प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति सम्मान जताते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। pic.twitter.com/kUWHN3LjM5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 25, 2026
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