Chouparan(Krishna Paswan) : सर्द हवाओं के बीच चौपारण के बसरिया स्थित डॉ. बंसत नारायण सिंह उच्च विद्यालय का प्रांगण बुधवार को एक अनोखी ऊर्जा से भरा दिखा। मौका था, विद्यालय की प्रथम शिक्षक–अभिभावक बैठक, जहां बच्चों का भविष्य ही सबसे बड़ी चर्चा का केंद्र था। प्रधानाध्यापक अशोक रजक की अध्यक्षता और विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव एवं विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया। मंच संचालन समाजसेवी पिंटू सोनी ने सहज लेकिन प्रभावी अंदाज में किया। अभिभावकों को संबोधित करते हुये सचिव यादव ने विद्यालय की योजनाओं और शिक्षा के मिशन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ शिक्षित करना नहीं, बल्कि 6 से 18 वर्ष तक के हर बच्चे का 100% नामांकन सुनिश्चित करना है। 10वीं तक शिक्षा अनिवार्य होगी, ड्रॉप–आउट एक भी नहीं, यही हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने मासिक परीक्षाओं से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक बच्चों के प्रदर्शन को ‘अभिभावकों के सामने दर्पण की तरह रखने’ की बात कही, ताकि हर परिवार अपने बच्चे की प्रगति को साफ देख सके।
विद्यालय में चल रहे व्यावहारिक ज्ञान, कौशल आधारित शिक्षा, और नयी शिक्षण पद्धतियों के बारे में भी जानकारी दी गई। स्कूल निगरानी को बेहतर करने के लिये CCTV कैमरों की व्यवस्था का भी जिक्र किया गया, जिसे अभिभावकों ने सराहा। अपने संबोधन में प्रधानाध्यापक अशोक रजक ने कहा कि शिक्षक–अभिभावक बैठक बच्चों की जीवन-यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। हम और आप मिलकर ही इनके भविष्य को दिशा दे सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से नशामुक्त रहने, बच्चों पर सकारात्मक निगरानी रखने, गलत दिशा में जाने से रोकने और गलती करने पर सुधार का अवसर देने की अपील की।कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक जाबिर अंसारी, अनिल देव रजक, संजीत कुमार, रंजन कुमार, संदीप कुमार, निर्भय कुमार, सुनील साव, अरुण रजक तथा शिक्षिका सीमा कुमारी उपस्थित रहीं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र से पंकज सोनी, सुरेश शर्मा, प्रभु केशरी, कपिल यादव, विनय यादव सहित बड़ी संख्या में अभिभावक शामिल हुये।




