Ranchi : शिक्षा दुनिया को मुट्ठी में करने की पूंजी और स्वतंत्रता का पासपोर्ट है। शिक्षा दुनिया को जानने-समझने की चाबी है। यह वो पासपोर्ट है जो आपको दुनिया के किसी भी हिस्से में जाने से रोक नहीं सकती। आज तकनीक का जमाना है। ऐसे में तकनीक को महत्व दें। शिक्षा जीवन भर चलती है। यह कहना था झारखंड के गर्वनर सीपी राधाकृष्णन का। मौका था बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के 33वां दीक्षांत समारोह का। गर्वनर सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि स्टूडेंट्स को असफलता से न घबराते हुए नियमित प्रयास करते रहने की सलाह दी। उन्होंने BIT के बारे कहा कि इस संस्थान ने कोविड के दौरान कई सामाजिक दायित्व का निर्वहन किया है। ऐसे संस्थान न केवल स्टूडेंट्स गढ़ते हैं बल्कि एक समाज का निर्माण करते हैं। आप नई शुरुआत करें। नौकरी पाने के लिए नहीं बल्कि नौकरी देने के लिए काम करें। गर्वनर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि BIT मेसरा से निकलने वाले छात्र-छात्राएं हमेशा अपनी गरिमा बनाए रखेंगे।
इस अवसर पर समारोह में मौजूद पद्म भूषण और इंफोसिस के को-फाउंडर सेनापति क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा कि आज जमाना तकनीक का है। ऐसे में जब आप यहां से डिग्री लेकर निकल रहे हैं तब आप बिजनेस मॉडल को डेवलप करने में नई तकनीक का उपयोग करें। आज भारत नयी उद्यमिता के तमाम अवसर खोले हुए है। उन्होंने BIT मेसरा को उनके भविष्य को आकार देने की तारीफ की। उन्होंने सभी को राष्ट्र के विकास में मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस दीक्षांत समारोह में 2023 में डिग्री लेने वाले 2818 विद्यार्थियों को उपाधी प्रदान की गई। इसमें PHD, UG, PG, और डिप्लोमा के विद्यार्थी शामिल थे। इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में इंफोसिस के को-फाउंडर और पद्म भूषण सेनापति क्रिस गोपालकृष्णन थे। समारोह की शुरुआत में संस्थान के वीसी इंद्रनील मन्ना ने संस्थान की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में पढ़ने वाले छात्र देश और दुनिया में झारखंड का नाम रोशन कर रहे हैं। वहीं संस्थान के चेयरमैन सीके बिड़ला ने भी लोगों को संबोधित किया।












