Ranchi : रांची की गलियों में इस बार दुर्गा पूजा की रौनक और भी खास होने जा रही है। हरमू पंच मंदिर दुर्गा पूजा समिति इस साल अपने श्रद्धालुओं के लिये वृंदावन का प्रेम मंदिर लेकर आई है। गुजरे तीन महीनों से बंगाल से आये करीब 20 कारीगर दिन-रात जुटे हैं। हथौड़े की चोट, बांस की खटखटाहट और रंग-बिरंगे कपड़ों की चमक ने हरमू की हवा में त्योहार की धड़कन भर दी है। इस बार पंडाल निर्माण में प्लास्टिक या आर्टिफिशियल सजावट नहीं, बल्कि पूरी मेहनत प्राकृतिक चीजों से की गई है। बांस, कपड़ा, थर्मोकोल, लकड़ी और मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंडाल की ऊंचाई 100 फीट और लंबाई 125 फीट है। दूर से ही यह मंदिर मानो आसमान को छूता नजर आयेगा।
70 लाख की भव्यता, आस्था का निवेश
समिति ने इस साल आयोजन पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किये हैं। स्थानीय सदस्य प्रह्लाद कुमार अग्रवाल गर्व से मीडिया से कहते हैं, “हर साल कुछ नया, कुछ अनोखा, यही हमारी पहचान है। इस बार प्रेम मंदिर के साथ रांची को वो नजारा मिलेगा जो केवल वृंदावन में देखने को मिलता है।”
मां दुर्गा संग कृष्ण-लीला की छटा
पंडाल के अंदर कदम रखते ही श्रद्धालु केवल मां दुर्गा का ही नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण की लीलाओं का अद्भुत संगम देख पायेंगे। राधा-कृष्ण की झांकियां, गोपियों के संग कृष्ण का रास और प्रेम मंदिर की उज्ज्वल छवि श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगी। बाहर और भीतर दोनों ओर आकर्षक लाइटिंग से पूरा इलाका किसी सपनों के नगर जैसा लगेगा। कारीगर राजेश मंडल का कहना है कि “हम पंचमी से पहले दरबार को पूरी तरह सजा देंगे। इस बार रांचीवासी वृंदावन के प्रेम मंदिर के दर्शन करके एक अनोखा अनुभव करेंगे।” हर साल राजधानी के पंडालों में प्रतिस्पर्धा रहती है कि कौन सबसे आकर्षक होगा। इस बार लोगों को पूरा भरोसा है कि हरमू पंच मंदिर समिति का यह पंडाल, वृंदावन की प्रेम-गाथा को रांची में जीवंत कर, नंबर वन पूजा पंडाल का ताज अपने सिर सजायेगा।
दुर्गोत्सव की झलक
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