Hazaribagh (Manoj Kumar) : “का बोले बाबू… दू रुपैया कमाते हैं… तब बाल-बच्चा सब को पालते-पोसते हैं। नगर निगम का टीम सब तोड़ दिया। ऐसा नियम कानून के बाद कहां जाएं? कुछ तो हमलोग को व्यवस्था चाहिए। रोजी-रोटी चाहिये ना। का में खट के खाएं। सब तोड़ दिया। स्थाई जगह ही दे दे। जो रेंट मांगेगा, वह मिलेगा। पर हर 2-4 महीना में बसा-बसाया धंधा-पानी उजाड़ दिया जाता है। हमलोग कैसे खाएं। चोरी-डकैती करें।”… यह कहते हुए दुखी किशोरी मालाकार ने अपने दुकान के सारे सामान को जला डाला। किशोरी आज काफी दुखी और परेशान था। उसके दुकान पर आज बुलडोजर चला दिया गया। यह बुलडोजर हजारीबाग के नगर निगम की तरफ से चलाया गया। सोमवार नगर नगम की टीम शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रही थी। इसी दरम्यान टीम पुराना समाहरणालय के पास पहुंची। वहां फुटपाथ पर लगे सभी दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। दुकानें ढाह दिये जाने के बाद फुटफाथी दुकानदारों को यही चिंता सता रही कि अब आगे क्या होगा। कैसे जुटेगा बाल बच्चों का निवाला।
फुटपाथ दुकानदार जगदीश राम का कहना है कि एक तरफ सरकार लोन देकर हमलोगों को रोजगार शुरू करवाती है, वहीं साहब लोग आकर दुकान पर बुलडोजर चलवा देते हैं। लोन कैसे चुकता करेंगे, कैसे बच्चों का पेट भरेंगे। वहीं बर्रा-धुसका-कचरी बेचने वाले चंदन कुमार का कहना है कि टीम अगर एक-घंटा का समय दे देती तो सारा सामान बच जाता। टीम आई और सीधे बुलडोजर चलवा दिया। हम मिन्नत करते रह गये पर किसी ने हमारी नहीं सुनी। सब खत्म कर दिया। किसी को रहम नहीं आया। फुटपाथ संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि इस तरह उनकी रोजी-रोटी को उजाड़ा नहीं जाये। यह दुखद है। उन्होंने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
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