Ranchi : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गुरुवार को आईपीएच सभागार में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मास ड्रग अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा खाई और लोगों से अपील की कि यह दवा स्वास्थ्य के लिए है और सभी को इसे अवश्य लेना चाहिये। उन्होंने बताया कि झारखंड को 2029 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। खूंटी जिला पहले ही फाइलेरिया मुक्त बन चुका है। इस वर्ष 10 फरवरी से 26 फरवरी तक राज्य के 14 जिलों – रांची, गुमला, गिरिडीह, बोकारो, साहिबगंज, पाकुड़, देवघर, पूर्वी सिंहभूम, कोडरमा, रामगढ़, सिमडेगा, धनबाद और लोहरदगा में घर-घर जाकर दवा वितरित की जायेगी। इस मौके पर डॉ इरफान अंसारी ने 14 जिलों के लिए प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
डॉ. अंसारी ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी लोगों का सहयोग आवश्यक है। सहिया, एएनएम, सीएचओ और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मिलकर इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल दवा वितरण का नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का भी माध्यम है। अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि सभी को दवा लेने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि झारखंड फाइलेरिया मुक्त राज्य बन सके। निदेशक प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सागर ने भी लोगों से दवा का सेवन सुनिश्चित करने और समुदाय स्तर पर सहयोग देने का आग्रह किया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी, जिला परिषद अध्यक्ष, मुखिया, सहिया और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में मेडिकल कॉलेज खोलने और किडनी ट्रांसप्लांट हॉस्पिटल जैसे बड़े स्वास्थ्य प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की।












