कानपुर : कोरोना संक्रमण के बीच कानपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब डीएम ने मीटिंग के दौरान ही एक सरकारी डॉक्टर को गिरफ्तार करवा दिया। डॉक्टर की गिरफ्तारी से सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों में आक्रोश है।
इसे भी पढ़ें : रेलवे का बड़ा फैसला, 23 जोड़ी ट्रेनों को किया रद्द, यहां देखें पूरी लिस्ट
डॉक्टर नीरज सचान, पतारा सीएचसी हॉस्पिटल के इंचार्ज थे। दो दिन पहले ही उनको कोरोना रैपिड रेस्पोंस टीम का इंचार्ज बनाया गया था। रविवार को छुट्टी थी, सोमवार को डीएम ने कोरोना कंट्रोल की मीटिंग की थी। जिसमें डॉक्टर नीरज शामिल हुए थे। मीटिंग के दौरान डीएम आलोक तिवारी ने उन पर अपनी जिम्मेदारी सही से न निभाने का आरोप और गिरफ्तार करने का आदेश दिया। जिसके बाद डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और लॉकअप में बंद कर दिया। डॉक्टर के खिलाफ महामारी एक्ट में एफआईआर दर्ज किया गया। डॉक्टर नीरज की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही शहर के दर्जनों सरकारी डॉक्टर स्वरूप नगर थाने पहुंच कर कार्रवाई का विरोध किया।
इसे भी पढ़ें : पूर्व थानेदार ने विधायक दीपिका पांडेय पर कराया FIR, थाने में धरने पर बैंठी विधायक
वहीं गिरफ्तार डॉक्टर नीरज सचान का कहना है कि मैं मीटिंग में डीएम साहब को अपनी बात समझा नहीं पाया। मैंने उनसे कहा भी कि सर अभी हमको दो दिन काम करने को मिले हैं, कुछ अगर कमी रह गई है तो अगले दो-तीन दिन में सब ठीक कर लूंगा लेकिन वो मेरी बात समझने को तैयार नहीं हुए जबकि मेरे पास पतारा सीएचसी का भी कार्यभार था। मैंने माफ़ी भी मांगी, लेकिन डीएम साहब नहीं सुने और मुझपर काम सही ढंग से नहीं करने का आरोप लगाकर गिरफ्तार करवा दिया।
इसे भी पढ़ें : कुदरत का करिश्मा : सूरज की यह तस्वीर देख मंत्रमुग्ध हो जाएंगे आप (देखें फोटो)










