Garhwa(Nityanand Dubey): नालसा (NALSA) और एमसीपीसी (MCPC) के संयुक्त तत्वावधान में पूरे देश में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक चलाये जा रहे 90 दिवसीय अखिल भारतीय मध्यस्थता अभियान के तहत गढ़वा व्यवहार न्यायालय में स्पेशल मध्यस्थता कैंप की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में बुधवार को एक पारिवारिक विवाद का सफल समाधान मध्यस्थता केंद्र में हुआ।
यह मामला वाद संख्या O.S-57/25 से संबंधित था, जिसमें आवेदक अरुण कुमार ने अपनी पत्नी कुमारी (विपक्षी) को विदाई देकर घर लाने हेतु वाद दायर किया था। विपक्षी की उपस्थिति के बाद प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी (कुटुंब न्यायालय) ने मामले की गंभीरता को देखते हुये इसे मध्यस्थता केंद्र, गढ़वा भेजा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव निभा रंजना लकड़ा द्वारा मामले को MCPC द्वारा प्रशिक्षित मध्यस्थ राजेश कुमार विश्वास को सौंपा गया। केवल दो बैठकों में दोनों पक्षों के बीच समझौता संपन्न हुआ।
मध्यस्थता प्रक्रिया के माध्यम से यह मामला शांतिपूर्वक हल हो गया, जिससे न केवल समय और पैसे की बचत हुई, बल्कि दोनों पक्षों को यह महसूस नहीं हुआ कि कोई हारा या जीता। दोनों ने प्रक्रिया पर संतोष जताते हुये खुशी-खुशी साथ रहने और अपने बच्चों की देखभाल संयुक्त रूप से करने का निर्णय लिया।
मामले में आवेदक की ओर से अधिवक्ता अजय कुमार त्रिपाठी और विपक्षी की ओर से अधिवक्ता नारायण पाण्डेय ने सराहनीय भूमिका निभाई। मध्यस्थता के जरिये ऐसे मामलों के समाधान से न्यायालय पर लंबित मामलों का बोझ कम हो रहा है, साथ ही पक्षकारों को त्वरित और मैत्रीपूर्ण न्याय भी मिल रहा है।












