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निजी अस्‍पतालों को जीवन रक्षक दवा, इंजेक्‍शन और ऑक्‍सीजन सिलिंडर उपलब्‍ध कराने की मांग

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फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर और कॉमर्स के मेडिकल टीम ने स्‍वास्‍थ्‍य सचिव को लिखा पत्र

रांची : फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर और कॉमर्स के मेडिकल टीम ने झारखंड के स्‍वास्‍थ्‍य सचिव को पत्र लिखकर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए जीवन रक्षक दवा, इंजेक्‍शन, ऑक्‍सीजन सिलिंडर समेत अन्‍य जरूरी संसाधन निजी अस्‍पतालों में उपलब्‍ध कराने की मांग की है।

पत्र में लिखा है कि कोरोना के इलाज के लिए राज्य के निजी व सरकारी अस्पताला में को‍विड की दवा रेमडेसिविर (जीवनरक्षक इंजेक्शन) व फेविरापीर की कमी के कारण मरीज अस्पतालों के चक्कर लगाने को विवश हैं। इजेक्शन के स्‍टॉक की कमी के कारण विभिन्न अस्पतालों में भर्ती संक्रमितों के परिजनों को अपने स्तर से इंजेक्शन की व्यवस्था करने को कहा जा रहा है। मगर बाजार में भी यह इंजेक्शन/दवा उपलब्ध नहीं है। जिस कारण मरीज को काफी परेशानी हो रही है।

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फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर और कॉमर्स के मेडिकल टीम ने बताया कि पूरे झारखण्ड में रेमडेसिविर की खपत करीब 2500 से 3000 वायल प्रतिदिन है। वहीं सिर्फ राजधानी रांची के अस्पतालों में भर्ती स संक्रमितों के लिए 600 से 800 वायल दवा की आवश्यकता है। मगर मुश्किल से 50 से 100 वायल ही मिल पा रही है। टीम ने कोरोना मरीजों के बेहतर इलाज के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सचिव से इन दवाओं और जरूरी सामग्री और सुविधा उपलब्‍ध कराने की मांग की है।

टीम ने बताया कि सरकार ने निजी अस्‍पतालों को 50 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने का निर्देश दिया है। जो वर्तमान में जरूरी भी है। मगर कई अस्‍पताल ऐसे हैं, जहां केवल आंख या कान का इलाज होता है। वहां कोविड मरीजों के इलाज के लिए जरूरी संसाधन जैसे- दवा, इंजेक्शन, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं है। बाजार में भी दवा और ऑक्‍सीजन सिलिंडर की कमी है। ऐसे में कोरोना मरीजों का बेहतर इलाज करने में परेशानी हो रही है। कई नर्सिंग होम और अस्‍पताल में नर्सों और मेडिकल स्‍टाफ की भी कमी है। चैंबर के मेडिकल टीम ने स्‍वास्‍थ्‍य सचिव से जरूरी दवा, ऑक्‍सीजन के साथ-साथ मेडिकल स्‍टाफ और नर्सों की भी व्‍यवस्‍था करने का अनुरोध किया है, ताकि कोरोना मरीजों के इलाज में परेशानी न हो। झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के हेल्‍थ उपसमिति के चेयरमैन डॉ अभिषेक रामाधीन और अध्‍यक्ष प्रवीण जैन छावड़ा ने ये पत्र लिखा है।

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