Ranchi : विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बीमारी से जंग लड़ने वाले असली योद्धाओं को सम्मानित किया गया। वहीं, मलेरिया(Malaria) मुक्त झारखंड का सपना फिर से मजबूत हुआ। रांची के IPH सभागार में शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में संकल्प लिया गया कि हर गांव, हर पंचायत और हर घर तक मलेरिया रोग से लड़ने के लिये लोगों को जगाना है। हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर यह साफ संदेश दिया गया कि बीमारी से लड़ाई एक दिन की नहीं, यह हर दिन की जिम्मेदारी है।
Malaria Day पर जमीनी योद्धाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम में वे लोग सम्मानित हुये, जो चुपचाप गांव-गांव जाकर लोगों को बचा रहे हैं। 10 मुखियाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। विभिन्न जिलों के कर्मियों और JSLPS की महिलाओं को भी सराहा गया। यह सम्मान
उनके संघर्ष और सेवा की पहचान बना। NHM के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने भरोसा दिलाया कि जैसे हमने पोलियो को हराया, वैसे ही मलेरिया को भी खत्म करेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, नियमित छिड़काव करायें एवं नालियों की सफाई रखें। वर्ष 2025 में झारखंड में 42,236 मलेरिया के मामले सामने आये। लाखों की संख्या में जांच की गई।
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8 जिलों में 100 से कम केस मिले। विशेषज्ञों ने साफ कहा कि बीमारी को हराना है तो जागरूकता जरूरी है। सोशल मीडिया के जरिये संदेश फैलाने पर जोर दिया गया। पंचायत स्तर पर अभियान चलाने की अपील की गई। आयुष्मान आरोग्य मंदिर को और मजबूत बनाने की बात कही गई। इस मौके पर वेक्टर जनित रोगों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया, ताकि जानकारी हर स्तर तक पहुंचे और लोग खुद को सुरक्षित रख सकें। कार्यक्रम में एनएचएम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ और करीब 300 प्रतिभागी शामिल हुये।










