Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के बिशनपुरा से लेकर पिपरीकला गांव तक सरकारी योजनायें अब फाइलों में नहीं, गांव की गलियों में उतर आई हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले भर के सभी पंचायतों में विकास की कहानी लिखी जा रही है, वो भी मुखिया की चौपाल से शुरू होकर, आम जनता की चौखट तक। DC शेखर जमुआर ने पतिहारी और पिपरीकला पंचायत में औचक निरीक्षण कर लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा “सरकारी योजनायें तभी सार्थक हैं, जब वो सही हाथों तक पहुंचे। हर ग्रामीण पात्र है, हर गांव हकदार है। आप बैठक में आयें, अपनी बात कहें, समाधान पायें।” बात योजनाओं की ही नहीं, भरोसे की भी थी, जहां-जहां पंचायत बैठी, वहां-वहां उम्मीदें जगीं। मुखिया बने मार्गदर्शक, अधिकारी बने सुनने वाले और जनता बन गई योजनाओं की असली भागीदार।
क्या हुआ बैठक में?
- मनरेगा के तहत बिरसा हरित ग्राम योजना व सिंचाई कूपों की समीक्षा
- अबुवा आवास योजना में लंबित निर्माण कार्यों की जांच
- जन वितरण प्रणाली में ई-केवाईसी और राशन वितरण की पड़ताल
- पेयजल, शिक्षा, आंगनबाड़ी, पोषण और कचरा प्रबंधन तक – सब पर हुई बारीकी से चर्चा






