Madhubani : गलत के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद रखने वाले नौजवान बुद्वीनाथ झा उर्फ अविनाश झा को जिंदा जलाकर मार डाला गया। अबतक के अनुसंधान में जो बातें छनकर सामने आई है, उसके अनुसार 22 साल का अविनाश बीते 9 नवम्बर से गायब था। उसका अगवा कर लिया गया था। उसे अंतिम बार उस रात 10 बजकर 10 मिनट के आसपास बेनीपट्टी इलाके में ही देखा गया था। आरटीआई एक्टिविस्ट अविनाश झा एक लोकल न्यूज पोर्टल से भी जुड़ा हुआ था। 9 नवम्बर की रात वह अपने घर के नजदीक स्थित क्लीनिक में बाहर रात 9.58 तक देखा गया था। अगले दिन सुबह जब उसे खोजा गया तो पता चला कि उसका बाइक क्लीनिक में ही है। क्लीनिक का गेट भी खुला था। 10 नवम्बर को स्थानीय थाने को इसकी सूचना दे दी गई।

रहस्यम ढंग से गायब अविनाश को हर संभावित ठिकानों पर खोजा गया, पर उसका कुछ पता नहीं चला। इस बीच 12 नवम्बर की रात पौने आठ बजे के करीब अविनाश के एक चचेरे भाई को फोन कर किसी ने यह जानकारी दी कि बेनीपट्टी थाना से कुछ किलोमीटर दूर उड़ेन गांव के पास हाईवे पर एक युवक की जली लाश पड़ी है। मिली इस खबर पर घर के लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। अविनाश के हाथ की अंगुठी, पैर में रहे दाग और गले में चेन से उसकी पहचान कर ली गई।

अविनाश के मारे जाने की फैली खबर के बाद गांव के लोगों का गुस्सा उबाल पर है। कुछ लोगों के अनुसार अविनाश पहले बेनीपट्टी के कटैया रोड में अपना नर्सिग होम चलाता था। अच्छा चलता भी था। पर कुछ लोग उससे जलते थे। कई बार उसके नर्सिग होम में हंगामा हुआ। इस बात से दुखी होकर उसने अपना क्लीनिक बंद कर दिया। वहीं यह ठाना कि गलत करने वालों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगा। आरटीआई को उसने अपना हथियार बनाया। वहीं लोकल पोर्टल न्यूज पर खबर भी चलाता था। धीरे-धीरे उसके दुश्मनों की संख्या बढ़ती चली गई। गलत के खिलाफ जंग कर रहे अविनाश को हमेशा के लिये खामोश कर दिया गया। उसे बड़ी बेरहमी से मार डाला गया। अविनाश तीनों भाईयों में सबसे छोटा था।













