Kohramlive : बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात मुरासु ने दक्षिण भारत में खतरे की घंटी बजा दी है। आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहे इस तूफान के असर से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका है। आंध्र प्रदेश के पांच जिलों में अत्यंत भारी बारिश के खतरे को देखते हुये रेड अलर्ट जारी किया गया है। तूफान के कारण चेन्नई में 11 और विजयवाड़ा में 10 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, तट से टकराते समय चक्रवात की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में दो मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। तटीय इलाकों में जलभराव का खतरा भी मंडरा रहा है।
आंध्र प्रदेश के 5 जिलों में रेड अलर्ट
कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और एसपीएसआर नेल्लोर में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। तेलंगाना के कई जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवायें चल सकती हैं। वहीं, ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों और तमिलनाडु के कई जिलों में भी मौसम बिगड़ने का अनुमान है। चक्रवात के खतरे को देखते हुये मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। आंध्र प्रदेश में मेडिकल टीमें, एंबुलेंस और राहत शिविर तैयार रखे गये हैं। ओडिशा में भी संवेदनशील इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।
पहले भी तबाही मचा चुका है तूफान
इससे पहले 28 अक्टूबर को आए चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और यानम में भारी नुकसान पहुंचाया था। शुरुआती आकलन में करीब 4,600 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी। अब कुछ ही दिनों के भीतर नये चक्रवात के खतरे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।







