Kohramlive : सुदूर नक्सल-प्रभावित बस्तर के गांवों में CRPF ने एक खास अभियान के तहत 10,800 रेडियो सेट बांटे, ताकि लोगों को देश की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उन्हें माओवादी विचारधारा से दूर किया जा सके।अभियान में 180 कंपनियों की टीमों ने चार महीने में सैकड़ों छोटे-बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किये। प्रत्येक रेडियो सेट लगभग 1,500 रुपये का है और एफएम, एमडब्ल्यू और एसडब्ल्यू चैनल पर प्रसारण करता है।रेडियो सेट सूखी बैटरियों या बिजली कनेक्शन से संचालित किये जा सकते हैं।
लक्ष्य और असर
अभियान का उद्देश्य लगभग 54,000 लोगों को जोड़ना है, जिसमें हर परिवार को पांच सदस्यों की इकाई माना गया है।स्थानीय लोग अब प्रधानमंत्री के मासिक ‘मन की बात’ और अन्य सरकारी व मनोरंजन कार्यक्रमों को सुन सकते हैं।इस पहल से नक्सल-हिंसक क्षेत्रों में हिंसा में कमी देखी जा रही है। गृह मंत्रालय ने इस वर्ष की शुरुआत में 7 बस्तर जिलों के लिये 1.62 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ विशेष नागरिक कार्यक्रम शुरू किया। केंद्र सरकार ने और अधिक रेडियो टावर लगाने के लिये भी जगह उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। अभियान का उद्देश्य नक्सलवाद समाप्त करने के 2026 के लक्ष्य के तहत स्थानीय समुदाय को सशस्त्र अभियानों से प्राप्त लाभों के साथ जागरूकता और कल्याणकारी पहलों से जोड़ना है। CRPF को इस अभियान के लिए चुना गया क्योंकि यह सबसे अधिक नक्सल-हिंसक क्षेत्रों में तैनात बल है और उसने विशेष नक्सल-रोधी अभियानों के लिये अग्रिम परिचालन अड्डे बनाये हैं।प्रत्येक कंपनी को 60 रेडियो सेट दिये गये हैं।








