Ranchi : CPI (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) के महासचिव डी. राजा ने कहा कि पार्टी जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिये चरणबद्ध आंदोलन तेज करेगी। उन्होंने इल्जाम लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड को पूंजीपतियों की चारागाह बनाने पर तुली हुई है, जिसे CPI किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगी। डी राजा मंगलवार को झारखंड राज्य परिषद द्वारा अल्बर्ट एक्का चौक, रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। इस अवसर पर पूर्व IAS अधिकारी डॉ. रनेन्द्र समेत 45 लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। महासचिव डी. राजा ने सभी को पार्टी का पट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया और झारखंड के जनसंघर्ष को मजबूती देने का आह्वान किया। डी. राजा ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा को कॉर्पोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है और राज्य सरकार इसे रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में जनता के मुद्दों की अनदेखी हो रही है और सदन में केवल सत्ता पक्ष के सुख-सुविधाओं की चर्चा हो रही है।
वादों पर उठाया सवाल
महासचिव डी. राजा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुये कहा कि हेमंत सरकार अपने घोषणा पत्र के वादों को भूल चुकी है। उन्होंने कहा कि भूमि बैंक रद्द करने का वादा पूरा नहीं हुआ। बेरोजगारों को भत्ता देने की योजना अधूरी रह गई। किसानों के लिये पेंशन योजना अब तक लागू नहीं हुई।असंगठित मजदूरों के लिये 26 हजार न्यूनतम वेतन निर्धारण पर कोई पहल नहीं हुई। वहीं, स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति को लेकर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। डी. राजा ने ऐलान किया कि 23 मार्च से 14 अप्रैल तक पार्टी जनसंघर्ष अभियान चलायेगी और झारखंड के हर जिले में आंदोलन को धार देगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संघर्ष को और तेज करने की अपील की। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिये हर स्तर पर पार्टी को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर राज्य सचिव महेंद्र पाठक, राष्ट्रीय प्रगतिशील लेखक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रनेन्द्र कुमार, जिला सचिव अजय कुमार सिंह, एटक के राज्य सचिव अशोक यादव, भारतीय खेत मजदूर यूनियन के सचिव इम्तियाज खान, दलित अधिकार मंच के प्रदेश अध्यक्ष जैनेंद्र कुमार भंते, मजदूर नेता गणेश कुमार सिंह, युवा नेता संतोष रजक सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।












