Kohramlive : भारत को 20 साल बाद एक बार फिर बड़ा खेल आयोजन सौंपा गया है। साल 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी गुजरात के अहमदाबाद शहर को मिल गई है। इससे पहले भारत ने 2010 में राष्ट्रमंडल खेल की मेजबानी नई दिल्ली में की थी। यह फैसला राष्ट्रमंडल खेलों के एग्जिक्यूटिव बोर्ड ने लिया, जिससे देश भर में खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी है। एग्जिक्यूटिव बोर्ड ने पुष्टि की कि अहमदाबाद को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिये प्रस्तावित मेजबान शहर के रूप में चुना गया है। अब इस नाम की सिफारिश 26 नवंबर को ग्लास्गो में होने वाली राष्ट्रमंडल खेल महासभा में पूर्ण सदस्यता के सामने रखी जायेगी। इस आयोजन के साथ अहमदाबाद पूरी दुनिया में खेलों का एक नया हब बनकर उभरेगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने इस मौके पर X पर पोस्ट करते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की और कहा, “यह भारत के लिये गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कड़े प्रयासों का ही नतीजा है कि आज भारत को खेल जगत में नई पहचान मिली है।” गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी इस उपलब्धि को राज्य और देश के लिये ऐतिहासिक बताया। अब अहमदाबाद को राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्ण मेजबानी के लिये अंतिम मंजूरी 26 नवंबर को ग्लास्गो में होने वाली महासभा में दी जायेगी।
नाइजीरिया से मिली कड़ी टक्कर
भारत को मेजबानी की दौड़ में नाइजीरिया से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। लेकिन बोर्ड ने नाइजीरिया के लिये भविष्य में 2034 खेलों की मेजबानी पर विचार करने की रणनीति बनाई है। राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी से देश में बुनियादी ढांचा, अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का अनुभव और युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और भी बढ़ेगा। यह आयोजन न सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों के लिये अवसर लायेगा, बल्कि देश की खेल कूटनीति को भी मजबूत करेगा।




