Ranchi : CM हेमंत सोरेन ने आज सरकारी योजनाओं की जमीनी सच्चाई जानने के लिये हाई लेवल मीटिंग की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलों के आयुक्त एवं DC से जुड़े। एक तरफ डिजिटल स्क्रीन थी, वहीं दूसरी तरफ CM का संकल्प, जन योजनाओं की सच्ची तस्वीर सामने लाने का। CM का स्पष्ट संदेश यह था कि योजनाएं कागजों से निकलें,
और जरूरतमंद तक पहुंचे। CM ने पेयजल संकट पर चिंता जताते हुये कहा कि “गर्मी की तपन कहीं किसी की प्यास में न बदल जाये, इसके पहले ही हरेक जगह पानी का इंतेजाम हो जाये। CM ने कहा कि जंगलों में आग नहीं लगे, इसका पूरा ख्याल रखना है। आग सिर्फ लकड़ी नहीं जलाती, वो जलाती है एक जीवनशैली, एक परंपरा, एक वन संस्कृति…
उसे बचाना, यह सरकार की नहीं, धरती मां की पुकार है। 949+168 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का संकल्प दोहराया गया। मेडिकल कॉलेज में हेलीपैड बनाने पर जोर दिया गया। 386 आंगनबाड़ी केंद्र की दिशा-दशा बदलने पर जोर दिया गया। कृषि पाठशालाएं और फलदार पौधे लगाने पर भी जोर दिया गया। मनरेगा में 12 करोड़ मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य दिया गया, ताकि हर हाथ को काम और हर दिल को सुकून मिले। अफीम की खेती पर सख्ती बरतने को कहा गया है। छात्रवृत्ति समय पर मिले, इसका पूरा ख्याल रखने को कहा गया। इस बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव वंदना दादेल, सचिव कृपानंद झा, सचिव के निवासन, सचिव अरवा राजकमल, सचिव मनोज कुमार, आदिवासी कल्याण आयुक्त अजय नाथ झा, मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय वर्णवाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।








