Bihar : भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। CM सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जायेगी। हालांकि, सहायता राशि का खुलासा अभी नहीं किया गया है। 17 जून 2026 को भोजपुर के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। परिवार का आरोप है कि भरत ने पहले ही हथियार डालकर सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने गोली मार दी। तभी से परिजन इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुये निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिवार के वकील संजीव कुमार सिंह ने दावा किया कि यह कोई सामान्य एनकाउंटर नहीं, बल्कि कई अधिकारियों की सोची-समझी साजिश थी। उनका आरोप है कि पांच अलग-अलग पुलिस अधिकारियों ने पांच हथियारों से फायरिंग की और 16 जून से ही पूरी साजिश रची गई थी।
STF कॉन्स्टेबल की हो चुकी है गिरफ्तारी
जुलाई में आरा पुलिस और STF की संयुक्त टीम ने इस मामले में STF कॉन्स्टेबल अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।















