Ranchi : CM हेमंत सोरेन ने वह कर दिखाया, जिसकी मांग को लेकर छात्र लगातार सड़क पर थे। JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर दी गई। वहीं, TDPL के जरिये 2014 से अब तक कराई गई परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्तियों को लेकर भी व्यापक जांच का फैसला सामने आया है। आदिवासी उत्सव के मंच से CM हेमंत सोरेन ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि उनके साथ इंसाफ होगा और उनके भरोसे का खून किसी कीमत पर नहीं होने दिया जायेगा। अब जब कैबिनेट ने CGL को रद्द करने का फैसला लिया है, तो यह उस भरोसे की कहानी भी है, जिसे लेकर छात्र कई दिनों से तपती सड़कों पर बैठे थे। कई छात्र भूख हड़ताल पर थे। मांग साफ थी, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो। सरकार के फैसले की खबर पहुंची तो आंदोलित छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलन का एक बड़ा मुद्दा पूरा होता दिखा। कई छात्रों और छात्र नेताओं ने इसे अपनी लड़ाई की बड़ी जीत माना। प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी सरकार के फैसले के बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। छात्रों के एक बड़े समूह की डिमांड है कि पूरे मामले की जांच CBI करें, वहीं, कुछ प्रशासिनक अफसरों का कहना है कि झारखंड में कई गंभीर मामलों की जांच CBI कर रही है, पर वर्षों से चली आ रही जांचों का अंतिम नतीजा अबतक सामने नहीं आ सका है। ऐसे में छात्रों से संबंधित मांग को देखते हुये पूरे मामले की जांच CID और SIT से कराई जा रही है, ताकि जांच समय पर हो सके और छात्रों का करियर बर्बाद न हो। ऐसे में सरकार का तर्क है कि मौजूदा मामले में CID/SIT की जांच चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा।








