Dumka : CM हेमंत सोरेन सोमवार को दुमका पहुंचे। दुमका हवाई अड्डा परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।उन्होंने आज वहां दुमका के सिदो-कान्हू एयरपोर्ट परिसर में “झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट” का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, नियुक्ति पत्र एवं परिसंपत्तियों का वितरण कर लाभुकों को नई ऊर्जा प्रदान की।
इसके बाद CM ने रानेश्वर प्रखंड के मुरगुनी में सिद्धेश्वरी नदी पर बन रही मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना की प्रगति का निरीक्षण किया। यह राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में से एक है, जो पूरे क्षेत्र में कृषि के नक्शे को बदलने की क्षमता रखती है। निर्माण स्थल पर पहुंचकर CM ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और कहा कि बचे हुये कार्यों को तय समयसीमा में हर हाल में पूरा किया जाये, ताकि किसानों को जल्द फायदा मिल सके। उनके साथ मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विधायक आलोक सोरेन और विभागीय सचिव भी मौजूद रहे।
22 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन होगी सिंचित
यह मेगा लिफ्ट परियोजना मसलिया और रानेश्वर प्रखंड के 226 गांवों में 22,283 हेक्टेयर जमीन तक पानी पहुंचायेगी। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना की नींव नवंबर 2022 में रखी थी, जिसकी कुल लागत 1313 करोड़ रुपये है।L&T ने दी प्रगति रिपोर्ट देते हुये बताया कि 80% काम पूरा हो चुका है। परियोजना का निर्माण कर रही एल एंड टी कंपनी ने CM को बताया कि बैराज लगभग तैयार है। 15 में से 90% गेटों का काम पूरा हो चुका है। तीन में से एक पंप हाउस तैयार, बाकी दो पर तेजी से काम, पांच डिलीवरी चैंबर में से तीन तैयार, अगले साल जनवरी तक 6400 हेक्टेयर में सिंचाई शुरू होगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सिर्फ सिंचाई ही नहीं, बल्कि नदी के अतिरिक्त पानी को तालाबों और जलाशयों में मोड़कर जल संरक्षण, पर्यटन और रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम बनेगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सिद्धेश्वरी नदी के पानी का पूर्ण सदुपयोग सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा, “हर खेत तक पानी पहुंचे, यही हमारी प्राथमिकता है। राज्य में आधुनिक तकनीक वाले सिंचाई सिस्टम पर तेजी से काम चल रहा है।”






