Kohramlive Desk : जलवायु परिवर्तन (Climate Change) दुनिया के जीवों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। इसके कारण मांस-मछली खाने वाले ध्रुवीय भालू (Polar Bear) अब कचरा खाने को मजबूर हो रहे हैं। वैश्विक गर्मी (Global Warming) और मनुष्य द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन की वजह से ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं।
Hungry polar bears are turning to garbage dumps to fill their stomachs as their icy habitat disappears. https://t.co/E3VkviiUdB
— Reuters Science News (@ReutersScience) July 20, 2022
लगातार कम हो रही संख्या
पिछले हफ्ते कनाडा और अमेरिकी वैज्ञानिकों धरती के उत्तरी इलाकों में रहने वालों लोगों को चेतावनी दी कि वो कचरा न फैलाएं। कचरा डिपो को पोलर बीयर के इलाके से दूर रखें, क्योंकि इनकी की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। अगर उन्हें उनके मन का खाना नहीं मिला, या फिर वो इस तरह इंसानों द्वारा फैलाई गई गंदगी खाने लगे तो उनके लिए यह नुकसानदेह होगा।
इंसानों के साथ हो सकता है संघर्ष
कचरा खाने के लिए आने वाले भालुओं से इंसानों को भी खतरा रहेगा। अगर ध्रुवीय भालुओं (Polar Bears) को इंसानों का खून लग गया तो ये दोनों के बीच संघर्ष का मामला बन जाएगा। इंसानों और ध्रुवीय भालुओं (Polar Bears) के बीच होने वाले संघर्षों को लेकर जर्नल Oryx में हाल ही में एक रिपोर्ट भी पब्लिश हुई है।
कचरा खाने से बढ़ेगी सेहत की परेशानी
यूनिवर्सिटी ऑफ अलबर्टा के बायोलॉजिस्ट एंड्र्यू डेरोशर ने बताया कि कचरे के साथ भालुओं का यह संबंध बेहद खराब है। हम भूरे और काले भालुओं का हिसाब-किताब जानते हैं. वो इस तरह की हरकतें करते आए हैं, लेकिन ध्रुवीय भालुओं (Polar Bears) में यह लक्षण पहली बार देखने को मिला है। यह बेहद खतरनाक है। इससे भालुओं की इस खूबसूरत प्रजाति में कई तरह की बीमारियां और दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।
ये है बड़ी वजह, जिस लिए भालू खा रहे कचरा
आमतौर पर ध्रुवीय भालुओं (Polar Bears) के खाने के मेन्यू में सील्स, मछलियां, ध्रुवीय लोमड़ियां आदि होते हैं। आर्कटिक (Arctic) धरती के बाकी हिस्सों से चार गुना ज्यादा गर्म हो रहा है। यहां बर्फ गर्मियों के आने से पहले पिघलने लग रही हैं। सर्दियों के जाने के बाद जमना शुरू हो रही हैं। यह प्रक्रिया लेट हो रही है। इसलिए ये सफेद भालू ज्यादातर समय किनारों पर रहने को मजबूर हो जाते हैं यानी अपने असली शिकार और भोजन से दूर।




