Sahebganj : अपनी ही बीवी को गोली मारने का इल्जाम एक CISF जवान पर लगा है। गोली विवाहिता गुड़िया कुमारी के मायके में घुस कर मारी गई। गोली उसके जबड़े को चीरती हुई गलफड़े में फंस गई। लहूलुहान गुड़िया को मायकेवाले सदर अस्पताल लेकर भागे। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मालदा रेफर कर दिया गया।
24 साल की विवाहिता गुड़िया के पिता शिव प्रसाद गुप्ता ने बताया कि रविवार की भोर में 9 बजे घर के दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी। घर तालझारी थाना क्षेत्र के सकरीगली स्टेशन चौक स्थित दुर्गा मंदिर के पास है। बड़े बेटे सूरज ने दरवाजा खोला तो देखा कि सामने सनकी दामाद लाल बहादुर साह खड़ा है। उसके साथ उसका बहनोई और भाई भी था। इल्जाम है कि उन्होंने सूरज पर वार कर दिया। इसी बीच छोटा बेटा पृथ्वी बचाने की कोशिश करने लगा। उसपर भी पिस्टल की बट से वार किया गया। उसकी आंख में चोट लगी है। दोनों बेटे जख्मी हो गये। हल्ला-गुल्ला सुन अंदर से बेटी गुड़िया वहां पहुंची। उसे देखते ही दामाद ने उसपर गोली चला दी। गोली गुड़िया के जबड़े को चीरती हुई गलफड़े में फंस गई। गोली मारने के बाद तीनों वहां से बाइक पर सवार होकर फरार हो गये। वहीं दोनों भाई और गुड़िया को अस्पताल ले जाया गया।
2019 में हुई थी शादी
शिव प्रसाद ने बताया कि साल 2019 में बेटी गुड़िया की शादी लालबहादुर साह से पूरे विधि विधान से की गई थी। सारे रस्मों की अदायगी भी की गई थी। उस वक्त लालबहादुर CISF में पोस्टेड था। उसका घर बिहार मुंगेर के जमालपुर में है। शादी के वक्त उसकी पोस्टिंग केरल एयरपोर्ट पर थी। वह पत्नी गुड़िया को साथ ले गया था। वहां दोनों के बीच झगड़ा-झंझट शुरू हो गया। बेटी ने फोन पर बताया था कि पति उसके साथ मारपीट करता है। मायके से पैसे लाने के लिए बोलता है। उसके बाद उसे साहिबगंज बुला लिया गया। शादी से दोनों का एक दो साल का बेटा भी है। गुड़िया ने साहिबगंज नगर थाने में पति पर दहेज प्रताड़ना का केस किया था। जिसके बाद लालबहादुर साह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जेल जाने के बाद विभाग ने लालबहादुर की सेवा समाप्त कर दी। तीन महीने की सजा काट कर वह हाल ही में वह जेल से बाहर आया और यह कांड कर गया।
इसे भी पढ़ें : छात्र को नदी में डूबता देख दोस्त ने लगाई छलांग, देखें फिर क्या हुआ








