नई दिल्ली : पीएम मोदी ने घोषणा की है कि कोरोना के कारण माता पिता या अभिभावक दोनों को खोने वाले सभी बच्चों को PM CARES for Children scheme के तहत सहायता दी जाएगी. केंद्र सरकार ने कोरोना (Covid-19) में माता पिता खोने वाले बच्चों के लिए बड़ा ऐलान किया है. ऐसे बच्चों को मुफ्त शिक्षा और इलाज की सुविधा मिलेगी. 18 वर्ष का होने पर मासिक आर्थिक सहायता (स्टाइपेंड) और 23 वर्ष का होने पर 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी.
शुरू की केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना
PMO ने बयान जारी कर कहा कि केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चे जब 18 साल के हो जाएंगे तो एक स्पेशल स्कीम के तहत 10 लाख रुपये का एक फंड बनाया जाएगा और हर महीने उन्हें उसमें से स्टाइपेंड मिलेगा, ताकि शिक्षा के दौरान वे अपनी पर्सनल जरूरतें पूरी कर सकें. वहीं, 23 साल की उम्र होने पर इस फंड में बचा हुआ अमाउंट उन्हें एकमुश्त दिया जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे 10 साल से कम उम्र के अनाथ बच्चों को नजदीक के केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन दिलाया जाएगा. प्राइवेट स्कूल में एडमिशन होने पर उनकी फीस पीएम केयर्स फंड से केंद्र सरकार जमा कराएगी. इसके अलावा बच्चों की किताबें, स्कूल ड्रेस आदि का खर्च भी केंद्र सरकार उठाएगी. वहीं, 11 साल से अधिक उम्र के बच्चों का दाखिला सैनिक स्कूल और नवोदय विद्यालय में कराया जाएगा
हाइयर एजुकेशन में ऐसे अनाथ बच्चों के एजुकेशन लोन पर लगने वाला इंटरेस्ट केंद्र सरकार वहन करेगी. इसके साथ ही उनकी कोर्स फीस और ट्यूशन फीस भी पीएम केयर्स फंड से दिया जाएगा. साथ ही सभी अनाथ बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा. 18 साल की उम्र तक उसका प्रीमियम केंद्र सरकार भरेगी.इन योजनाओं की घोषणा करते हुए पीएम ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं. उनकी मदद करने के लिए सरकार हरसंभव कोशिश करेगी. सरकार चाहती है कि वे मजबूत नागरिक बनें और उनका भविष्य उज्ज्वल हो.
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