Bokaro : दशहरा की रौनक के बीच पलीहारी गुरुडीह पंचायत की मुखिया सपना कुमारी, जो कभी गांव की उम्मीदों का चेहरा थीं, अब रहस्यमय हालात में दो अक्टूबर की दोपहर से लापता हैं। परिवार के मुताबिक, सपना किसी निजी काम से घर से निकलीं थीं। लेकिन जब शाम ढली, सांझ के दीपक जल उठे, तब तक सपना की कोई खबर नहीं थी। रात गहराती गई, चिंता बढ़ती गई, रिश्तेदारों के फोन खड़खड़ाते रहे, पर हर ओर सन्नाटा। आखिरकार, पति ने गोमिया थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में पहली बार राजनीति की चौखट लांघी सपना कुमारी को लोगों ने उसे भरपूर समर्थन दिया, और वो रिकार्ड मतों से जीतीं। प्रखंड की सबसे कम उम्र की मुखिया बनीं। अपने शुरुआती दिनों में उसने विकास योजनाओं और जनसुनवाई से लोगों के दिल जीत लिये। पर वक्त बीतने के साथ, जैसे-जैसे पंचायत की फाइलें मोटी होती गईं, सपना की सक्रियता घटती गई। फिर भी, उसकी मौजूदगी गांव के लोगों में अब भी विश्वास जगाती थी।
गोमिया के थानेदार रवि कुमार ने मीडिया को बताया कि परिजनों का आवेदन मिला है। “हमने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, पर फिलहाल कोई ठोस सुराग नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद है।”
पुलिस अब हर उस जगह तलाश रही है, जहां मुखिया सपना का कोई निशान मिल सके। उधर, गांव की औरतें अब भी मंदिर की सीढ़ियों पर बैठी मनौती मांग रही हैं, “हे देवी मां, हमारी मुखिया को सकुशल लौटा दो।”








