Chouparan(Krishna Paswan) : सरकारी कुर्सी पर बैठा एक व्यक्ति जब अपने ही दायित्व को बोझ समझने लगे और जनसेवा के नाम पर जेब भरने की आदत पाल ले तो एक दिन ऐसा भी आता है जब कानून उसके हाथ पर हाथ रख देता है। कुछ ऐसा ही हुआ चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के प्रभारी सतीश कुमार के साथ, जिन्हें एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 4000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा।
“ममता वाहन” की उम्मीद, भ्रष्टाचार की साजिश
पीड़ित उज्ज्वल सिन्हा, एक आम नागरिक और “ममता वाहन” के मालिक हैं। वह बीते 3-4 महीनों से अपने 25 हजार रुपये के बकाये बिल के भुगतान के लिए स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर काट रहे थे। लेकिन उन्हें जवाब मिला “अगर पैसा चाहिये तो पहले खर्चा-पानी दीजिये… पूरे चार हजार।” उज्ज्वल ने चुप रहने के बजाय ACB से शिकायत की और इसके बाद जो हुआ, वो एक फिल्मी सीन से कम नहीं था।
रिश्वत का ट्रैप, ईमानदारी की जीत
ACB ने मामले को सत्य पाया और तयशुदा ट्रैप में सतीश कुमार को घूस की रकम लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। कलाई में हथकड़ी लगी और चेहरा झुका रह गया अब उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।




