Kohramlive : पहलगाम की वादियों में उठे बारूद के धुएं के बीच केंद्र सरकार ने देश के तमाम मीडिया चैनलों को एक सख्त और संवेदनशील सलाह दी है कि “राष्ट्र की सुरक्षा से बड़ा कोई समाचार नहीं।” शनिवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश के जांबाजों की हर कदम की तस्वीरें, उनके अभियानों की लाइव झलकियां, चाहे अनजाने ही सही, दुश्मनों को ताकत दे सकती हैं। यह सलाह पहलगाम के आतंक के ताजा जख्मों के बीच दी गई, जहां देश ने एक बार फिर अपनों को खो दिया था। सरकार ने सभी मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया मंचों को आगाह किया कि “रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही का सीधा प्रसारण तुरंत रोका जाये। राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। रिपोर्टिंग करते समय हर शब्द, हर फ्रेम में जिम्मेदारी की कसौटी पर खरा उतरना जरूरी है। सूचना मंत्रालय का संदेश है कि “जब सीमा पर कोई जवान अपनी जान हथेली पर रखता है, तो हर प्रसारित शब्द एक गोली बन सकती है या एक कवच। चुनाव आपको करना है।” देश के हर नागरिक, हर पत्रकार से अब उम्मीद है कि वे खबरें बनायेंगे, लेकिन शहीदों के सपनों का सौदा नहीं करेंगे।
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