Kohramlive desk: सोनिया गांधी की आपत्ति के बाद बैकफुट पर CBSE। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष और रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी ने CBSE की 10वीं के बोर्ड एग्जाम में इंग्लिश में आए विवादित सवाल का मामला लोकसभा में उठाया। उन्होंने इस पैसेज को महिला-विरोधी बताया। यह सवाल वापस लेने और शिक्षा मंत्रालय से माफी मांगने की बात कही। इसके तुरंत बाद CBSE ने अपनी गलती मानी और माफी भी मांगी। इस सवाल को हटाने का फैसला लिया। साथ ही स्टूडेंट्स को इस पैसेज के पूरे मार्क्स देने की घोषणा हुई।
#WATCH | Congress interim chief Sonia Gandhi raises in Lok Sabha the issue of inclusion of a ‘shockingly regressive passage’ in CBSE’s question paper for Grade 10 exam, demands withdrawal of the passage & apology
(Source: Sansad TV) pic.twitter.com/lO1Db4ty3q
— ANI (@ANI) December 13, 2021
राहुल-प्रियंका ने एग्जाम को बताया कठिन
सीबीएसई के कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा के इंग्लिश पेपर को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा – ‘आरएसएस और भाजपा युवाओं के मनोबल और भविष्य को कुचलने पर तुले हैं। छात्रों को कड़ी मेहनत से सफलता मिलती है, कट्टरता से नहीं। अब तक सीबीएसई के अधिकांश पेपर बहुत कठिन थे, लेकिन अंग्रेजी के पेपर में कॉम्प्रिहेंशन पैसेज ज्यादा बकवास था।इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी 10वीं बोर्ड के क्वेश्चन पेपर पर आपत्ति जताते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा – ‘अविश्वसनीय। क्या हम वास्तव में बच्चों को ऐसा निरर्थक ज्ञान दे रहे हैं? स्पष्ट रूप से भाजपा सरकार महिलाओं से संबंधधित इन प्रतिगामी विचारों का समर्थन करती है, वरना ये सीबीएसई कोर्स में क्यों शामिल होंगे।’
Most #CBSE papers so far were too difficult and the comprehension passage in the English paper was downright disgusting.
Typical RSS-BJP ploys to crush the morale and future of the youth.
Kids, do your best.
Hard work pays. Bigotry doesn’t.— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 13, 2021

Unbelievable! Are we really teaching children this drivel?
Clearly the BJP Government endorses these retrograde views on women, why else would they feature in the CBSE curriculum? @cbseindia29 @narendramodi?? pic.twitter.com/5NZyPUzWxz
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 13, 2021
इन वाक्यों पर जताई गई आपत्ति
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं कक्षा के इंग्लिश के क्वेश्चन पेपर के अंशों में ‘लैंगिक रूढ़िवादिता’ को कथित तौर पर बढ़ावा दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसके चलते बोर्ड ने 12 दिसंबर यानी कल इस मामले को सब्जेक्ट एक्सपर्ट के पास भेजा। शनिवार को हुई 10वीं की परीक्षा के प्रश्न पत्र में ‘महिलाओं की मुक्ति ने बच्चों पर माता-पिता के अधिकार को समाप्त कर दिया’ और ‘अपने पति के तौर-तरीके को स्वीकार करके ही एक मां अपने से छोटों से सम्मान पा सकती है’ जैसे वाक्यों के उपयोग को लेकर आपत्ति जताई गई है।
















