Patna : पटना का गांधी मैदान, विजयादशमी की रात, जब आसमान पर बरसते बादल और भीड़ की सांसों में गूंजती प्रतीक्षा एक साथ मिल गईं। लेकिन इस बार रावण के हिस्से किस्मत ने थोड़ा खेल कर दिया। 80 फीट का विशाल रावण, जिसके सिर पर ताज था, लेकिन तेज बारिश की वजह से सिर झुक गया और लोगों की आंखों ने पहली बार सिरविहीन रावण का दहन देखा। फिर भी, मेघनाद (75 फीट) और कुंभकरण (70 फीट) के साथ रावण की दग्ध देह ने बुराई के अंत का अलख जगाया। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और CM नीतीश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर रामलीला महोत्सव की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने गुब्बारे उड़ाकर शांति और सौहार्द्र का संदेश दिया। बारिश की फुहारों के बीच भीड़ ने उत्सव को थमने नहीं दिया। इस बार रावण को नजदीक से आग नहीं लगानी पड़ी, रिमोट कंट्रोल से पुतला दहन किया गया। पुतलों को आगरा के 15 कारीगरों ने राजस्थानी और दक्षिण भारतीय छवि के रंगों से सजाया था। आयोजन का बजट लगभग 35 लाख रुपये थे, वहीं, 5 लाख के इको-फ्रेंडली पटाखे पुतलों में सजाये गये। रावण के सिर टूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सुबह से ही आसमान रो रहा था। समिति ने पुतलों पर क्लियर वार्निश चढ़ाया था, ताकि बरसात की नमी उनके जोश को कम न करे। फिर भी प्रकृति ने अपना रंग दिखा दिया। लेकिन आयोजकों की सूझबूझ और तकनीक ने सबका दिल जीत लिया।
#WATCH पटना, बिहार: दशहरा के अवसर पर पटना में रावण दहन किया जा रहा है।#dusshera2025 pic.twitter.com/Arw0VU2p4k
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 2, 2025












