KohramLive : जुलेखा का शौहर करता था गंदा धंधा। उसके गुजर जाने के बाद बीवी जुलेखा ने उसके गंदे धंधे को संभाल लिया। यह गंदा धंधा था चरस की तस्करी का। देवर शाहिद उर्फ बबलू इस काम में अपनी भाभी का पूरा सयहोग करता था। दोनों देवर-भाभी ने ड्रग्स तस्करी का बड़का रैकेट तैयार कर लिया था। इस रैकेट को ऑपरेट करती थी जुलेखा। वहीं शाहिद उर्फ बबलू का काम भोपाल में रहकर मुंबई तक चरस पहुंचाने का था। यह ड्रग्स उसके पास नेपाल से आता था। इस गंदे धंधे का पर्दाफाश तक हुआ जब दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गये। उनके पास से पुलिस ने भारी मात्रा में चरस बरामद किया है।
भोपाल क्राइम ब्रांच ने दबोचा
मध्य प्रदेश की भोपाल क्राइम ब्रांच को खबरीलाल ने सूचना दी कि चरस की एक बड़ी खेप की तस्करी हो रही है। यह तस्करी एक महिला कर रही है। मिली सूचना पर पुलिस एक्टिवेट हुई और जुलेखा और शाहिद पकड़े गये। दोनों देवर-भाभी एक ऑटो में सवार होकर शाहजहांनाबाद से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। पुलिस ने इन्हें जिंसी इलाके में दबोच लिया। तलाशी ली गई तो जुलेखा के पास से 1.480 किलोग्राम चरस जब्त किया गया, जबकि शाहिद के पास से 1.485 किलोग्राम चरस बरामद किया। दोनों आरोपियों के पास से कुल 2.965 किलो चरस मिली। दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उनकी निशानदेही पर दो अन्य आरोपियों के पास से 265 ग्राम और 6.700 किलो चरस जब्त की गई। चारों तस्करों के पास से कुल 9.930 (करीब 10 किलो) किलो चरस जब्त की गई। जब्त चरस की कीमत बाजार में लगभग 5 करोड़ रुपये बताई गई है।
डीसीपी ने बताया कि जुलेखा अंधेरी मुंबई की रहने वाली है। वहीं आरोपी शाहिद भी अंधेरी मुंबई का निवासी है। शाहिद के बैग की तलाशी ली गई तो चादर के नीचे ब्राउन रंग के पारदर्शी पन्नी में टेप से लिपटे तीन पैकेट मिले। इन्हें खोलकर देखा गया तो उसमें काला गंधयुक्त गीला पदार्थ मिला। महिला जुलेखा के बैग में भी तीन पैकेट मिले। जांच की गई तो पता चला कि पैकेट में चरस भरा हुआ है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी मूलतः कानपुर और नेपाल के रहने वाले हैं, जो पहले से ही एक दूसरे को जानते थे। चरस तस्करी का यह काम काफी समय से चल रहा था।
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