ब्रेन एन्यूरिज्म: इन शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज…

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Kohramlive : ब्रेन एन्यूरिज्म एक बेहद खतरनाक लेकिन अक्सर “साइलेंट” कंडीशन मानी जाती है, जो बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के विकसित हो सकती है। इस स्थिति में दिमाग की किसी रक्त वाहिका (आर्टरी) की दीवार कमजोर होकर गुब्बारे की तरह फूल जाती है। यदि यह फट जाये, तो ब्रेन में ब्लीडिंग (हेमरेजिक स्ट्रोक) हो सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके कुछ शुरुआती संकेत होते हैं, जिन्हें समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। ब्रेन एन्यूरिज्म तब होता है जब मस्तिष्क की किसी आर्टरी की दीवार कमजोर होकर खून के दबाव से फूल जाती है। कई बार यह बिना लक्षण के वर्षों तक रहता है, लेकिन फटने पर अचानक गंभीर लक्षण दिखते हैं और जान का खतरा बढ़ जाता है।

ब्रेन एन्यूरिज्म के 12 चेतावनी संकेत

इन लक्षणों को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिये….

  1. अचानक तेज सिरदर्द – बिना वजह अचानक तेज दर्द होना सबसे आम संकेत हो सकता है।
  2. जी मिचलाना और उल्टी – सिरदर्द के साथ ये लक्षण बढ़े हुये दिमागी दबाव का संकेत हो सकते हैं।
  3. धुंधला या डबल दिखना – ऑप्टिक नर्व पर दबाव के कारण नजर कमजोर हो सकती है।
  4. गर्दन में अकड़न या दर्द – खासकर जब अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी हों।
  5. रोशनी से अधिक संवेदनशीलता – दिमाग में सूजन या जलन का संकेत।
  6. दौरे पड़ना – बिना हिस्ट्री के अचानक दौरा गंभीर संकेत हो सकता है।
  7. पलक झुकना या चेहरे में कमजोरी – नसों पर दबाव का संकेत।
  8. अचानक बेहोशी – फटे एन्यूरिज्म से जुड़ा गंभीर लक्षण।
  9. बोलने या समझने में दिक्कत – स्ट्रोक जैसे न्यूरोलॉजिकल संकेत।
  10. चलने में दिक्कत या चक्कर – बैलेंस और कोऑर्डिनेशन पर असर।
  11. आंख के पीछे या आसपास दर्द – बिना फटे एन्यूरिज्म का लोकल दबाव।
  12. व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव – बढ़ते एन्यूरिज्म से दिमागी कार्य प्रभावित हो सकता है।

जल्दी पहचानना क्यों जरूरी है?

अगर एन्यूरिज्म फटने से पहले ही पहचान लिया जाए, तो सर्जरी या नियमित मॉनिटरिंग से गंभीर खतरे को काफी कम किया जा सकता है। लेकिन एक बार फटने पर मौत या स्थायी न्यूरोलॉजिकल नुकसान का जोखिम बहुत बढ़ जाता है। यदि अचानक तेज सिरदर्द के साथ ऊपर बताये गये न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दें, तो देरी न करें। तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं या इमरजेंसी मेडिकल मदद लें। सीटी स्कैन, एमआरआई और एंजियोग्राम जैसी आधुनिक जांचों से ब्रेन एन्यूरिज्म का समय रहते पता लगाया जा सकता है। समय पर जांच और इलाज ही जान बचाने का सबसे बड़ा उपाय है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी लक्षण की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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