डायबिटीज कम मरीजों के लिए भी रामबाण है Black Wheat
कोहराम लाइव डेस्क : Black Wheat यानी काला गेहूं। यह गेहूं किसान भाइयों के लिए कुबेर का खजाना है। यह किसानों के घर में सोना बरसा सकता है यानी आमदनी को कई गुना बढ़ाने वाला। किसाना भाई, क्या आप चाहते हैं कि कर्ज लेकर फसलों की बुआई करें। आपके गेहूं की फसल का मुनाफा बहुराष्ट्रीय या फिर देश में ही बहुराष्ट्रीय कंपनियों की तर्ज पर पैदा होने वाली कंपनियां मार लें। यदि नहीं, तो इस महीने यानी नवंबर में ही आप सचेत हो जाएं और आज ही से रबी की सर्वोत्तम फसलों में से एक गेहूं की बुआई शुरू कर दें। यह है काला गेहूं।
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खेतों में पैदा वाला Black Wheat डायबिटीज या फिर मधुमेह की सबसे बड़ी दवा है। यही काला गेहूं मधुमेह के रोगियों की पाचनशक्ति बढ़ाने के साथ ही शरीर में एक अलग प्रकार के शक्तिवर्द्धक विकर यानी एंजाइम्स पैदा करता है। इसी काला गेहूं की यदि किसान इस नवंबर के महीने में बुआई नहीं करेंगे, तो फिर मान लीजिए कि वे खेती-बाड़ी के लिए कुछ नहीं करेंगे।
Black Wheat की खेती कर मालामाल हो रहे किसान
देश के वैज्ञानिकों के मुताबिक, पारंपरिक बीज से अलग काले गेंहू का शोधित बीज अपनाएंगे तो निश्चित रूप से उपज के साथ कमाई में भी बढ़ोतरी होने के आसार अधिक हैं। देश के कई किसान काला गेहूं की बंपर खेती मालामाल हो रहे हैं। काले गेहूं की फसल को कृषि विभाग के अधिकारी अच्छा संकेत मान रहे हैं।
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30 नवंबर से पहले करें बुआई
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा समय काला गेहूं खेती के लिए उपयुक्त है, क्योंकि इसकी खेती के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए। किसान 30 नवंबर तक इस गेहूं की बुवाई आसानी से कर सकते हैं। अगर इसकी बुवाई देर से की जाए, तो फसल की पैदावार में कमी आ जाती है. जैसे-जैसे बुवाई में देरी होती है, वैसे-वैसे गेहूं की पैदावार में गिरावट आ जाती है।
अधिकतम 6000 रुपये क्विंटल
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में पिछले साल महज 8 किसानों ने काले गेहूं की खेती की थी। इस साल लगभग करीब 100 से अधिक किसानों ने काला गेहूं की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है. इसकी खेती की खासियत यह है कि फसल का न सिर्फ उत्पादन अधिक होता है, बल्कि यह बाजार में 4,000 से 6,000 हजार रुपये प्रति क्विंटल की कीमत पर बिकता है, जो अन्य गेहूं की फसल से दोगुना है।
कैसे करें बुआई
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, किसानों को काला गेहूं की बुआई सीडड्रिल से करनी चाहिए। ऐसा करने से उर्वरक और बीज की अच्छी बचत की जा सकती है। काला गेहूं का उत्पादन सामान्य गेहूं की तरह ही होता है। इसकी पैदावार 10 से 12 क्विंटल प्रति बीघे होती है। किसान बाजार से बीज खरीद कर बुआई कर सकते हैं।
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