Hazaribagh(Sunil/Pooja) : इलाज की आस लेकर जो दरवाजे खुलते हैं, अगर वही मौत का न्योता बन जायें तो इसे क्या कहा जाये? हजारीबाग के बड़कागांव में कुछ ऐसा ही खतरनाक खेल उजागर हुआ है, जहां स्वास्थ्य सेवा के नाम पर फर्जीवाड़ा और अवैध प्रैक्टिस बेखौफ और खुलेआम फल-फूल रही है। ग्रामीणों का इल्जाम है कि बड़कागांव क्षेत्र में एक नर्सिंग होम को फर्जी कागजात के सहारे महज तीन दिनों में तैयार दिखाकर सर्टिफिकेट लेने की कवायद चल रही है। न कोई मानक, न कोई नियम, फिर भी मरीजों की जिंदगी दांव पर लगाने की तैयारी पूरी है। इसे सीधे-सीधे इंसानी जान से खिलवाड़ माना जा रहा है।
ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, फर्जी सेंटर ढहाया
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त नर्सिंग होम से जुड़ा एक मेडिकल स्टोर भी गांव में अवैध रूप से संचालित हो रहा था। जब सब्र का बांध टूटा, तो गांववालों ने विरोध कर मेडिकल सेंटर को बंद कराया और ढहा दिया। हैरानी की बात यह है कि सब कुछ उजागर होने के बाद भी नर्सिंग होम के लिये सर्टिफिकेट लेने की कोशिशें जारी हैं। इधर, बड़कागांव मुख्यालय से 15–20 किलोमीटर दूर उरीमारी क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक हैं। यहां बिना डिग्री, बिना मान्यता झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम इलाज कर रहे हैं। न स्वास्थ्य विभाग का डर, न कार्रवाई की चिंता, मानो कानून यहां पहुंचता ही नहीं!मामले पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर अविनाश ने दो टूक कहा कि “किसी भी हाल में फर्जी नर्सिंग होम या अवैध स्वास्थ्य केंद्र बर्दाश्त नहीं किये जायेंगे। जांच में गड़बड़ी मिली तो दोषियों को जेल भेजा जायेगा।”




