Ranchi : झारखंड की सियासत में गुरुवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर गर्वनर संतोष गंगवार से मुलाकात की और मंत्री हफीजूल हसन की बर्खास्तगी की मांग करते हुये ज्ञापन सौंपा। भाजपा ने मंत्री हफीजूल हसन पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि उनकी बयानबाजी और कार्यशैली सरकार की गरिमा और संविधान के मूल्यों के विरुद्ध है। ऐसे में उन्हें मंत्रिमंडल में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के कुछ मंत्री संविधान की शपथ लेने के बावजूद आपत्तिजनक बयान देकर जनभावनाओं को आहत कर रहे हैं, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे, जिनमें प्रमुख रूप से कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सांसद संजय सेठ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश, प्रदेश महामंत्री व राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, भाजपा नेता डॉ. प्रदीप वर्मा, विधायक नवीन जायसवाल, पूर्व विधायक जीतू चरण राम, रामकुमार पाहन, जिलाध्यक्ष वरुण साहू, विनय कुमार महतो, कमाल खान और राफिया नाज शामिल रहे।












