- पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा
- भाजपा के नेताओं ने डोरंडा में किया उग्र प्रदर्शन
रांची। राज्य सरकार ने महापर्व छठ को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसको लेकर राज्यभर में विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। BJP सहित अन्य पार्टियां और सामाजिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं।
रांची के सांसद और BJP नेता संजय सेठ ने कहा कि कांग्रेस के इशारे पर सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। हिन्दुओं के पर्व को निशाना बनाया जा रहा है। राज्य सरकार वार्ड के हिसाब से छठ मनाने की गाइडलाइन जारी करे। जिस वार्ड में तालाब है, वहां उन वार्डों के लोगों को छठ मनाने की छूट दी जाए।
पर्व से ही दिक्कत : सीपी सिंह
वहीं रांची के विधायक सीपी सिंह ने कहा कि मंत्री हाजी हुसैन के जनाजे में 20 हजार से अधिक लोग जमा होते हैं तो कोरोना नहीं फैलता, गाइड लाइन का उल्लंघन नहीं होता। मुख्यमंत्री उर्स में चादर चढ़ाते हैं और कव्वाली होती है तो कोरोना नहीं फैलता। केवल उन्हें हिन्दुओं के पर्व से ही दिक्कत है।
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BJP नेताओं ने किया डोरंडा बटन तालाब में जलाशय हठ
डोरंडा बटन तालाब में जलाशय हठ के दौरान विधायक समरीलाल, नवीन जायसवाल, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय मौजूद थे। एक घंटे तक सभी तालाब में घुसकर छठ को लेकर राज्य सरकार की ओर से जारी की गई गाइड लाइन का विरोध किया और सरकार से अपना निर्णय वापस लेने की मांग की।
बिहार की तरह तालाबों में छठ पूजा की अनुमति मिले : रघुवर
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर लोक आस्था के महापर्व छठ पर बिहार की तरह झारखंड के तालाबों में सूर्य को अर्घ्य देने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है। अपने पत्र में दास ने कोविड-19 के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा छठ व्रत पर जारी मार्गदर्शन में संशोधन का आग्रह किया है।
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उन्होंने कहा है कि सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन में इस बार छठ महापर्व के दौरान किसी भी नदी, लेक, डैम या तालाब के छठ घाट पर किसी तरह के कार्यक्रम के आयोजन की मनाही की गयी है। लोगों से अपने घरों में ही यह महापर्व मनाने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने इस संबंध में बिहार सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन की चर्चा करते हुए आग्रह किया है कि झारखंड में भी ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में अवस्थित छोटे तालाबों पर छठ महापर्व के आयोजन (अर्घ्य देने) की अनुमति देते हुए इस दौरान मास्क के प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों के अनुपालन का दिशा-निर्देश निर्गत किया जाए।












