सूर्यकुंड मेला आज से शुरू
भारत के सबसे गर्म कुंड में लगने वाला सूर्यकुंड मेला आज से शुरू हो गया। मेला का उद्घाटन शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी और विधायक अमित कुमार यादव ने साझा तौर पर किया। मेला के पहले ही दिन भीड़ उमड़ आई। लोग अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिये आस्था की डुबकी एवं स्नान ध्यान करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जो कोई श्रद्धालु यहां स्नान ध्यान करते हैं, उन्हें चर्म रोग और गैस रोग से मुक्ति मिलती है। निसंतान दंपतियों के द्वारा यहां मन्नते मांगी जाती है। मेले में कई आकर्षक झूले ,ब्रेक डांस,लोहे के समान, पीतल के समान व मिठाईयां खाने पीने की चीजें से सजे कई स्टॉल लगाये गये हैं। वहीं आर्केस्ट्रा और थियेटर भी लगता है। हर उम्र के लोगों को मेला खींच रहा है। यह मेला हजारीबाग के बरकट्ठा प्रखंड के बेलकप्पी पंचायत में लगा है।


पूर्व मंडल अध्यक्ष नेता सुमित केसरी की मौत
गुमला के कारोबारी सह भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष नेता सुमित केसरी की शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे मौत हो गयी। वह रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती थे। वहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनकी मौत की फैली खबर के बाद पालकोट में उनके समर्थकों में आक्रोश है। हजारों की संख्या में आक्रोशित लोग सड़क पर उतर आये। स्फूर्त दुकानें बंद हो गई। रोड पर चक्का जाम किया गया। आक्रोशितों ने टायर जलाकर विरोध जताया। लोगों ने ‘सुमित केसरी को इंसाफ दो’ के लिए जमकर नारेबाजी की। यहां याद दिला दें कि गुमला के कारोबारी सुमित केसरी को बीते 9 जनवरी को अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मार दी गयी थी। सुमित को गोली किसने और क्यों मारी, इसका अब तक खुलासा नहीं हो पाया है।

केवल 10 रुपए की खातिर खून खराबा
केवल 10 रुपए की खातिर खून खराबा करने वालों की गिरफ्तारी की डिमांड को लेकर आज पलामू में खूब हाय-तौबा मची। चैनपुर बाजार स्वतः बंद हो गया। जहां-तहां रोड जाम कर दिया गया। वहीं पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए उन्हें खूब कोसा गया। लोगों का ग़ुस्सा उबाल पर था। हर कोई हमलावरों की अविलम्ब गिरफ्तारी के लिए शोर शराबा करने लगे। हालात बिगड़ता देख बड़े तादाद में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। फिलहाल पुलिस के आश्वासन के बाद मामला शांत है। यहां याद दिला दें कि बीते कल सरेशाम शराब की बोतल पर प्रिंट रेट से 10 रुपये अधिक मांगने को लेकर हुए विवाद में ताबड़तोड़ 6 राउंड गोलियां चली थी, जिसमें दो चचेरे भाइयों रंजीत आर्य और राजू आर्य को गोली लगी थी। जख्मी हालत में दोनों अस्पताल में भर्ती हैं।

भोला महतो की मौत
तीन छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गये। भरी जवानी में बीवी बेवा हो गयी। जीने का कोई सहारा नहीं रहा। कैसे पलेंगे-बढ़ेंगे बच्चे। यह सोच माथा फटा जा रहा है। रोजी रोटी पर आफत आ गयी। अगर किसी किस्म की मदद नहीं मिली तो रोड पर आ जाऊंगी। यह कहना है सड़क हादसे में पति को खो देने वाली भोला महतो की बेवा सरस्वती देवी का। सरस्वती के पति भोला महतो को बीते कल लोहे की छड़ से लदे टेलर ने कुचल दिया। यह हादसा कल देर शाम करीब साढ़े सात बजे हजारीबाग के बड़कागांव केरेडारी टंडवा मुख्य मार्ग के राजाबागी सड़क पर हुआ। भोला महतो अपना काम-धाम कर आम्रपाली से अपने घर लौट रहा था। वह मेहनत मजदूरी करता था। भोला की मौत की फैली खबर के बाद लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। गुस्साए लोगों ने चमगडा के पास रोड जाम कर दिया। वहीं मृतक के आश्रितों को बीस लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई है।

झारखंड ATS की टीम एक को दबोचा
बस से नीचे उतरा एक शख्स बड़का आर्म्स सप्लायर निकला। इस शख्स को झारखंड ATS की टीम ने दबोचा है। उसके पास से 7.65 एमएम के 150 पीस जिंदा गोलियां जब्त की गई है। झारखंड ATS के पुलिस कप्तान सुरेंद्र कुमार झा को बीते कल इंफॉर्मेशन मिली थी कि बिहार के नालंदा से एक शख्स हथियार और गोलियां लेकर झारखंड जाने वाला है। इन हथियारों को NSPM और भाकपा माओवादी के उग्रवादियों तक पहुंचाना है। शख्स का नाम रवि प्रजापति बताया गया। मिली सूचना को पुलिस कप्तान ने गंभीरता से लिया। ATS की एक टीम बनाकर चेकिंग शुरू की गई। बीती रात 9 बजे के करीब कोडरमा के बाघीटांड चेकपोस्ट के पास बस से एक शख्स उतरा। ATS की टीम ने उसे धर लिया। तलाशी ली गई तो उसके पास से 150 पीस जिन्दा गोलियां मिली।सारी गोलियों को जब्त कर लिया गया। वहीं, उस शख्स को अरेस्ट कर लिया गया। पुलिस को दिये अपने बयान में उसने बताया कि वह बरही बस स्टैंड, हजारीबाग रोड का रहने वाला है। भाकपा माओवादी के उग्रवादियों को वह गोलियां बेचने जा रहा था। FICN के केस में वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस फाइल में उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं।

बीवी से मिलने आये आशिक को जान से मार डाला
बीवी से मिलने आये आशिक को जान से मार डाला। उसे बड़ी बेरहमी से कुल्हाड़ी से काट डाला। इसके बाद थाने में जाकर खुद सरेंडर कर दिया। श्यामलाल हेंब्रम लांजी गांव निवासी विश्वनाथ सुंडी की बीवी को चाहता था। विश्वनाथ की बीवी भी उससे प्रेम करती थी। श्यामलाल अपनी माशूका से मिलने बीते कल लांजी गांव पहुंचा था। वह सोनुआ थाना क्षेत्र के सेगइसाईं गांव का रहने वाला था। विश्वनाथ के घर उसकी बीवी के साथ था। तभी अचानक विश्वनाथ घर पहुंच गया। दोनों को एक साथ गलत करते देख लिया। बीवी की बेवफाई पर उसका खून खौल उठा। श्यामलाल को धर कर एक पेड़ से बांध दिया गया। उसे बेतरह पीटा गया। इसके बाद गुस्से में तमतमाए विश्वनाथ ने कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन पर वार कर दिया। मौके पर ही श्यामलाल में दम तोड़ दिया। बीवी के आशिक को मौत के घाट उतारने के बाद कातिल पति ने खुद थाना में जाकर सरेंडर कर दिया।

सुखराम को सरेंडर करने को कहे…
जब खूंखार जिदन गुड़िया और सनिचर उरांव जैसे उग्रवादी मारे गये, तो सोचिए आपके बेटे सुखराम गुड़िया की क्या बिसात। सरकार ने उसके सिर पर एक लाख का इनाम रखा है। एक हफ्ता नहीं लगेगा उसे खोजकर मार गिराने में। उसे सरेंडर करने को कहें। आपको एक सप्ताह का मौका दिया जाता है। दुबारा यह न कहिएगा कि आपने मौका ही नहीं दिया। सरकार की सरेंडर पालिसी में वह जी खा लेगा। जंगल-जंगल भटकने से बेहतर है कि परिवार के करीब रहे।” 1 लाख के ईनामी सुखराम गुड़िया के माता-पिता और उसकी भाई और पत्नी की मन बदलने की पूरी कोशिश की गयी। कुछ हद तक खूंटी तपकरा के थानेदार विक्रांत कुमार अपने मकसद में कामयाब भी रहे। मोस्ट वांटेड सुखराम का परिवार थानेदार को वादा देकर निकले कि वह सुखराम को सरेंडर करने के लिए मजबूर करेंगे। थाने में सुखराम के पिता दुगन गुड़िया, भाई दुता गुड़िया, मां और पत्नी को बुलाया गया था।

नक्सलियों ने पोस्टबाजी की
हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र के कई इलाको में नक्सलियों ने पोस्टबाजी की है। जोरदाग, पगार, चट्टीबारियातु, पचड़ा, केरेडारी में पोस्टर चिपकाये गये हैं। ये पोस्टर नक्सली संगठन टीएसपीसी ने चिपकाया है। पोस्टर में संगठन जिंदाबाद का नारा भी लिखा हुआ है। इस पोस्टर में एनटीपीसी से किसानों को उचित मुआवजा, संघमित्रा प्रोजेक्ट सीसीएल द्वारा पचड़ा क्षेत्र के किसानों को उचित मुआवजा और नौकरी देकर की मांग की गई है। ऐसा नहीं करने पर काम शुरू नहीं करने की चेतावनी दी गई है। इस पोस्टर में कहा गया है कि अगर कंपनी उनकी इस मांग को पूरा नहीं करती तो उन पर फौजी कार्रवाई की जायेगी। नक्सलियों की इस पोस्टरबाजी के बाद पुलिस एक्टिव मोड में आ गई है। यह पोस्टर किसने और कब चिपकाया है, पुलिस यह जानकारी इकट्ठा करने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों को दबोच लिया जाएगा।

मुखिया मंजू देवी के बेटे मन्नी सिंह को गोली मार दी गई
समस्तीपुर के मालीनगर की मुखिया मंजू देवी के बेटे मन्नी सिंह को गोली मार दी गई। उन्हें क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान गोली मारी गई। बाइक सवार तीन अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया। वहीं, गोली मारने के बाद हमलावर भाग निकलने में कामयाब रहे। लहूलुहान मन्नी सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मन्नी सिंह हर साल इस क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन करते हैं। दिवंगत पिता मंटू सिंह की याद में टूर्नामेंट का आयोजन किया जाता है। आज यानी शनिवार को स्व. मंटू सिंह स्मृति कप क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला चल रहा था। इसी दरम्यान मन्नी सिंह फोन पर बात करते हुए कल्याणपुर से पूसा मेन रोड पर चले गए। तबी उन पर गोलियां बरसा दी गई। गोली गलने की फैली खबर के बाद सनसनी फैल गई। मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की छानबीन में जुट गई। वारदात को वारदात को अंजाम चकमेहसी थाना क्षेत्र के मालीनगर खेल मैदान के पास अंजाम दिया गया। पुलिस ने 2 दिनों के भीतर सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लेने का आश्वासन दिया है।

टी-ब्रिज पर भगदड़
मकर सक्रांति मेले के दौरान बदांबा-गोपीनाथपुर टी-ब्रिज पर भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में चार लोगों की जान जानें की खबर है। वहीं, बच्चों समेत 25 से अधिक लोग जख्मी हो गए। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई गई है। जख्मी लोगोंल को आनन–फानन में पास के अस्पताल में एडमिट कराया गया है। बदांबा के सिंहनाथ मंदिर में मकर पर्व के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। अचानक भगदड़ मची और यह भयानक हादसा हो गया। टी ब्रिज सिंघनाथ मंदिर के दोनों को दोनों ओर से कनेक्ट करता है। यहां पर हर साल मकर संक्रांति मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने यहां पहुंचते हैं। यह हादसा ओडिशा के कटक में बदांबा-गोपीनाथपुर टी-ब्रिज पर हुई।

एक युवक को सिर कूचकर मार डाला
एक युवक का सिर कूचकर मार डाला गया। शनिवार सुबह खाली मैदान में उसकी डेड बॉडी मिली। डेड बॉडी की शिनाख्त दीपक इलियास उर्फ पप्पू के रूप में की गई। वह 38 साल का था और एक जूते की कंपनी में काम करता था। उसके बड़े भाई दयानंद सिंह का कहना है कि शुक्रवार की रात करीब 10 बजे दीपक खाना खाकर घर से निकला था। वह दोस्तों से मिलने की बात कहकर गया था। देर रात तक घर नहीं लौटा। जब उसे फोन किया गया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। सुबह घर के पास के खाली मैदान में खून से लथपथ उसकी डेड बॉडी मिली। आसपास के लोगों ने मैदान में पड़े शव को देख पुलिस को सूचना दी। मिली सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, मामले की छानबीन में जुट गई। यह सनसनीखेज वारदात कानपुर के पनकी थाना इलाके के गंगागंज से सामने आई है।

इसे भी पढ़ें :राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पैर छूने वाली जूनियर इंजीनियर सस्पेंड, देखें क्यों
इसे भी पढ़ें : गो*ली खाने वाले शख्स का छलका दर्द, सुनें क्या बोल गये
इसे भी पढ़ें : भाजपई सुमित के दम तोड़ते ही उबलने लगा गुमला… देखें कैसे
इसे भी पढ़ें : BREAKING : नहीं रहे ENT के वरिष्ठ डॉक्टर आईबी प्रसाद
इसे भी पढ़ें : पेपर लीक मामला : प्रिंसिपल सहित 4 टीचरों की गई नौकरी…














