Kohramlive : महेंद्र सिंह धोनी उर्फ ‘माही’ को लेकर चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व बल्लेबाज एस. बद्रीनाथ ने बड़ा खुलासा किया है। बद्रीनाथ के मुताबिक, धोनी ने उनसे खुद कहा है कि वह IPL में इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर नहीं खेलना चाहते। यानी अगर माही मैदान में उतरते हैं तो उनकी इच्छा सिर्फ कुछ ओवर बल्लेबाजी करने की नहीं, बल्कि पूर्णकालिक विकेटकीपर के रूप में खेलने की है। इसका सीधा मतलब है कि उन्हें पूरे 20 ओवर मैदान पर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बद्रीनाथ ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर बताया कि धोनी खुद को बतौर विकेटकीपर देखना चाहते हैं और इसी वजह से इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका उनके लिये स्वीकार्य नहीं है। क्रिकेट की रणनीति के लिहाज से देखें तो इम्पैक्ट प्लेयर नियम धोनी के लिये बेहद उपयोगी साबित हो सकता था। कम समय मैदान पर रहना, जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करना और आखिर के ओवरों में अपने अनुभव से मैच का रुख बदल देना, धोनी के लिये यह भूमिका काफी सुविधाजनक हो सकती थी। लेकिन माही की सोच कुछ और है। वह अगर खेलेंगे तो पूरे खिलाड़ी की तरह खेलेंगे। यही जिद शायद धोनी को धोनी बनाती है।
चोट और उम्र ने बढ़ाई चिंता
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धोनी के IPL भविष्य पर सवाल इसलिये भी लगातार उठ रहे हैं क्योंकि पिछले कुछ समय से वह चोट की समस्या से जूझते रहे हैं। IPL 2026 में वह एक भी मुकाबला नहीं खेल सके। ऐसे में अब निगाहें 2027 के सीजन पर टिक गई हैं। चेन्नई के इस दिग्गज ने 2024 के सीजन से पहले कप्तानी छोड़ी थी। इसके बाद से उनकी बल्लेबाजी की भूमिका भी धीरे-धीरे सीमित होती गई। लेकिन जब तक माही के हाथ में बल्ला है, उनके फैंस की उम्मीद भी जिंदा है। बद्रीनाथ का मानना है कि धोनी के लिये लंबे समय तक इसी तरह खेलते रहना आसान नहीं होगा। उन्होंने CSK के पूर्व मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग की बात का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक, धोनी अब आमतौर पर पारी के आखिरी हिस्से में बल्लेबाजी करते हैं और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। ऐसे में उनका मैदान पर बोझ कम करना तार्किक विकल्प हो सकता है।







