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बुरे काम का बुरा नतीजा, चाची ने ही कर डाला भतीजे का खून

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भोला/रूपम  

खूंटी : घरेलू नौकर और भतीजा दोनों से नाजायज रिश्‍ता था विद्यावती देवी का। जिसे जब मौका मिलता वह अपनी तरह से करता था इस्‍तेमाल विद्या को। नौकर बिरसा मुंडा कुछ ज्‍यादा ही फिदा था चाची विद्या पे। उसने कई बार विद्या से कहा कि भतीजा संकेत से रिश्ता तोड़ दो। मगर विद्या इस कदर इस पाप के दलदल में धंस चुकी थी कि उसका बाहर निकलना मुश्किल था। वारदात के दिन संकेत ने अपने चाची से 3000 रुपये मांगे। उसी दिन चाची के दिमाग में ख्याल आया कि आज इसका काम तमाम कर देना है। सारे झंझट को जड़ से मिटा देना है। एक सुनियोजित साजिश के तहत संकेत को कर्रा के प्रेमघाघ जंगल में पैसा देने के लिए बुलाया गया। तय समय पर संकेत और चाची विद्या पहुंच गई। वहां पहले से आशिक बिरसा मुंडा भी मौजूद था। कुछ देर के लिए बिरसा यह कह कर किनारे हो गया कि खाने का कुछ सामान लेकर आते हैं। जब बिरसा लौट तो उसने देखा चाची और भतीजा में गुत्‍थमगुत्‍थी हो रही है। बिरसा ने हस्‍तक्षेप किया तो संकेत उससे भी भिड़ गया। उसके बाद बिरसा ने जंगल में ही किसी से दाउली लेकर आया और सीधा संकेत के गले पर जोरदार वार कर दिया। वार ऐसा था कि लगते ही निपट गया संकेत। इसके बाद बिरसा ने अपनी जैकेट खोला और बाइक से पेट्रोल निकाल उसे भिंगोया और फिर माचिस मार जलता जैकेट संकेत के चेहरे पर फेंक डाला। इस तरह नाजायज रिश्‍ता में शामिल एक शादीशुदा युवक का अंत हो गया। मृतक संकेत म‍िश्रा पत्रकार अनिल मिश्रा का बेटा था।

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यह वारदात 5 जनवरी की शाम को हुई। 7 जनवरी को संकेत की लाश बरामद की गई। जिसके बाद खूब हाय तौबा मची। खूंटी पुलिस कप्तान ने इसे काफी गंभीरता से लिया। एसआईटी का गठन किया गया।

गठित एसआईटी टीम में तोरपा डीएसपी ओम प्रकाश तिवारी, तोरपा इंस्‍पेक्‍टर दिग्‍विजय सिंह, कर्रा थानेदार मुन्ना कुमार सिंह, जरियागढ़ के थानेदार मनीष कुमार और सब इंस्‍पेक्टर बलराम कुमार सिंह, राजदीप और लक्ष्मण सिंह शामिल थे।

गहन वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद यह तथ्य उभर कर सामने आया कि संकेत का खून करने में उसकी चाची और उसके आशिक नौकर बिरसा मुंडा का हाथ है। वहीं यह भी खुलासा हुआ कि चाची का संबंध नौकर और भतीजा दोनों से था।

इसके बाद चाची और नौकर झारखंड छोड़ छत्‍तीसगढ़ भाग निकले। उनका लोकेशन मिला जशपुर के कुनकुड़ी थाना क्षेत्र में। इसके बाद खूंटी पुलिस दोनों को जशपुर से गिरफ्तार कर खूंटी ले आई। शनिवार को खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया।

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