Dumka : दुमका में पत्रकारों से बात करते हुये बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की कानून व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा “राज्य में आतंकियों की गिरफ्तारी हो रही है, फिर भी सरकार एक रिटायर्ड DGP से काम ले रही है। यही नहीं, ACB और CID की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। इससे साफ है कि सरकार सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।” नेता प्रतिपक्ष ने सीधे आरोप लगाया कि “बालू, कोयला और पत्थर की लूट मची है। सत्ता पक्ष के लोग कमाने में व्यस्त हैं और आम जनता की जमीनों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है।” उन्होंने पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा इलाके का उदाहरण देते हुये कहा कि “खदान में ट्रांसपोर्टिंग के लिये बसंत सोरेन से संपर्क करने को कहा गया। जब सरकार के परिवार वाले खुद हिस्सेदारी मांगें, तो आम लोग कहां जायेंगे?” मरांडी का कहना था कि CM जानबूझकर पेसा कानून लागू नहीं करना चाहते, क्योंकि इससे सत्ता का विकेंद्रीकरण होगा और अफसरों से वसूली में दिक्कत आयेगी।
सरकार चाहती है कि सत्ता केंद्र में रहे, ताकि पैसा सीधा ऊपर तक पहुंचे। बाबूलाल मरांडी ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “देश की सुरक्षा, सुशासन और जनहित में केंद्र सरकार ने 11 सालों में जो काम किया है, वो अभूतपूर्व है। लेकिन झारखंड सरकार इन योजनाओं को जमीन पर लाने में नाकाम है।
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