Chandauli (UP) : गरीब विनोद यादव ने कभी अपनी बेटी शिखा को बोझ नहीं समझा, किंतू उन्हें हर बार शादी के बाजार में बेटों की कीमत मार डालती थी। कई रिश्ते देखे, कई टूटे। सबका कारण सिर्फ एक था… वह मुंह मांगी कीमत यानी दहेज दूल्हा को नहीं दे पाते थे। अचानक DY ASP अनिरुद्ध सिंह उनके जीवन में एक फरिश्ता बनकर आये। गरीब की कोख से जन्मी शिखा की जीवन गाथा सुन उसे अपनी मुंहबोली बहन बना लिया। अब बहन माना और बनाया तो डोली उठाने का भी फैसला ले लिया।
सबसे पहले उन्होंने अपने एक दोस्त दुर्गेश सिंह से संपर्क किया। दुर्गेश शिक्षा जगत से जुड़े हैं। उन्हें अपने मन की बात बतायी। उनसे अनुरोध किया कि एक काबिल और होनहार लड़का देखो, जो शिखा का हाथ थाम ले। बाकी शादी-ब्याह का खर्च जुटाना उनका काम। वैसे भी बेटी चाहे किसी की हो, उनकी सगाई-शादी रुकती नहीं। शिखा की भी सोयी तकदीर जाग गई। उसे एक काबिल लड़का मिल गया। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट माने जाने वाले अनिरूद्ध सिंह ने रिश्ता खोजने से लेकर विदाई तक की जिम्मेवारी ले ली। बारात भी तय समय पर शिखा के दरवाजे पर आ गई। बारातियों का स्वागत वर्दीवालों ने फूल-माला पहनाकर किया। किसी पुलिसवाले के हाथ में हथियार नहीं था। वह सिर्फ वर्दी में थे। गजब का नजारा और गजब का उत्साह देख सबका मन गदगद हो गया। शिखा सदा के लिए सौरभ की हो गई। सौरभ चंदौली के बरठी गांव के अवधेश कुमार के बेटे हैं। पूरे शादी-ब्याह समारोह के हीरो रहे चंदौली के एएसपी अनिरुद्ध सिंह। इस शादी में कई हस्ती शामिल हुये। शिखा का घर यूपी के चंदौली के धानापुर के आवाजापुर गांव में है। सुनें क्या बोले एएसपी और दुल्हन के पिता विनोद यादव…
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