Kohramlive : हरियाणा में ADGP वाई पूरण कुमार की आत्महत्या से उपजा दर्द अभी ठहरा भी नहीं था कि रोहतक साइबर सेल में तैनात ASI संदीप ने भी अपने जीवन की डोर तोड़ ली। वे कुछ दिन पहले ही अपने घर लौटे थे। संदीप, मूल रूप से हरियाणा के जिंद जिले के रहने वाले थे। पांच साल पहले जब वह परिवार सहित रोहतक शिफ्ट हुये थे, उनका दो मंजिला मकान है, जिसमें ऊपर का हिस्सा किराये पर है। उनके पिता दयानंद पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर थे, जिन्होंने ड्यूटी से सेवानिवृत्त होकर भी सेवा की भावना को दिल में बसाये रखा। पर नियति ने उन्हें भी रेल हादसे में छीन लिया था। दादा भरत सिंह, भारतीय सेना के वीर सिपाही, जिनकी वीरता की छाया में पले संदीप ने पुलिस की वर्दी को अपनाया था। वह वर्दी, जो अब सवालों से लथपथ है। बीते 15 अगस्त को CM सैनी ने ASI संदीप को सम्मानित किया था। संदीप, जिनकी झोली में सराहना थी, अब खबरों में ‘सुसाइड’ बन गये हैं। संदीप का संसार अब उनकी पत्नी और तीन बच्चों तक सिमट गया है। बड़ी बेटी प्रतिभा, डॉक्टर बनने के सपनों में खोई थी। छोटी बेटी नौवीं की पढ़ाई में थी, और नन्हा बेटा राणू, जो अभी चौथी का विद्यार्थी है, उसे शायद अभी यह भी समझ नहीं आया होगा कि पापा अब लौटेंगे नहीं। संदीप जुलाना युवा क्लब के प्रधान, रक्तदाता, पौधारोपण अभियान के प्रेरक और समाज में “हर चेहरे पर मुस्कान लाने वाले” इंसान के रूप में जाने जाते थे।
सोशल मीडिया वीडियो और उठते सवाल
संदीप का खून से लथपथ शव लाढ़ोत-धामड़ रोड के एक मकान से मिला। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल है, जिसमें उन्होंने दिवंगत ADGP वाई पूरण कुमार पर कुछ बड़े इल्जाम लगाये हैं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि उन्होंने कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की। मौके से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। परिजनों ने दुख के बीच आवाज उठाई है कि “जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, न्याय नहीं मिलेगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जायेगा।”









