Ranchi : बचपन में ही पिता का साया उठ गया, घर की माली हालत बहुत बढ़ियां नहीं थी, मां ने मेहनत मजदूरी कर किसी तरह पाला-पोशा, पढ़ने में बिल्कुल मन नहीं लगता था, पर सही मार्गदर्शक के मिलते ही सुधीर की तकदीर बदल गई। आज हर किसी को उसपर नाज है। सुधीर का चयन गुजरात में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के स्कूल खेलों के लिए हुआ है। जीवन की राह में आई हर मुश्किलें पर फतह हासिल करते हुये सुधीर सांगा ने तीरंदाजी में अपनी अलग पहचान बनाई। वह खूंटी के नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय का छात्र है।
सुधीर के बड़े पापा ने उसके बचपन की विसंगति का जिक्र करते हुये कहा कि तीरंदाजी से जुड़ने के बाद उसका रूप-रंग बदल गया। विद्यालय की वार्डन और शिक्षिका प्रतिमा देवी ने बताया कि सुधीर का नामांकन होने पर वह पढ़ाई में कमजोर था। लेकिन पिछले दो वर्षों में प्रशिक्षकों आशीष और दानिश के कुशल मार्गदर्शन ने उसकी खेलों में रुचि को बढ़ाया। वहीं, अब खुशी और गर्व हो रहा है कि मेरे स्कूल का बच्चा राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने जा रहा है। कोच आशीष कुमार ने मीडिया से कहा कि सुधीर बेसिक धनुष से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर झारखंड टीम में स्थान बनाया है। वह अभी भी उसी धनुष से अभ्यास कर रहा है। आशीष का मानना है कि यदि उच्च स्तर का धनुष उपलब्ध कराया जाये तो सभी बच्चे अपनी प्रतिभा को और निखार सकते हैं।




