Bihar : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हवाओं में बेचैनी है। लेकिन इस बार झोंका कहीं गहरा है क्योंकि नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को भीतर से ही झटका लगा है। धर्मेंद्र चौहान, जो बीते 26 सालों से नीतीश कुमार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। उन्होंने समता पार्टी से लेकर जदयू तक हर मोड़ पर साथ निभाया। धर्मेंद्र चौहान पार्टी के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव थे। अब उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया और वे अब प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी से जुड़ गये हैं। इस्लामपुर के कस्तूरी बिगहा गांव से आने वाले धर्मेंद्र चौहान सिर्फ नेता नहीं, नोनिया-बिंद-बेलदार समाज के प्रभावशाली प्रतिनिधि हैं। नीतीश कुमार के लिए वे चुनावी जमीन तैयार करते थे, अब वही जमीन पीके के जनसुराज के लिए तैयार कर रहे हैं।








