Kohramlive : सावन की पवित्र फुहारों में जब बर्फीली वादियों से “हर-हर महादेव” की गूंज उठेगी, तो आस्था का सैलाब अमरनाथ की ओर उमड़ पड़ेगा। देवों के देव महादेव के पावन धाम अमरनाथ की 38 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा की तिथियों का ऐलान कर दिया गया है। यह यात्रा इस बार आगामी 3 जुलाई से शुरू होगी और रक्षाबंधन के दिन यानी 9 अगस्त को यात्रा समाप्त होगी। अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की 48वीं बैठक में कई अहम फैसले लिये गये। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में आज हुई इस बैठक में तय किया गया कि यात्रा पहलगाम ट्रैक और बालटाल मार्ग से एक साथ शुरू होगी। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बर्फानी बाबा के दर्शन के लिये दुर्गम रास्तों को पार कर इस पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। इस बार सरकार ने यात्रियों की सुविधाओं को और भी बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाये हैं—
- विश्राम केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जायेगी – जम्मू, श्रीनगर और अन्य स्थानों पर यात्रियों के ठहरने के लिये और अधिक सुविधायें जोड़ी जायेंगी।
- RFID कार्ड जारी होंगे – जिससे यात्रा को और भी सुरक्षित व सुगम बनाया जा सके।
- ऑन-स्पॉट पंजीकरण की सुविधा – नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशनों सहित कई स्थानों पर यात्रियों का मौके पर ही पंजीकरण किया जायेगा।
- यात्रा मार्गों का विस्तार – पहलगाम और बालटाल मार्ग को और चौड़ा व व्यवस्थित किया जायेगा।
- यात्रा मार्गों पर अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र बनाए जायेंगे।
- मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी देने के लिये नये बुनियादी ढांचे स्थापित किये जायेंगे।
- आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जायेगा।




