Ranchi : झारखंड में 31 मई तक बाहर से आने वाले मजदूरों पर सरकार की नजर रहेगी। उन्हें 7 दिनों के सरकारी क्वारंटीन में रहना होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवासी मजदूरों के लिए फैसला लिया है। प्रवासी मजदूरों के राज्य में आते ही कोरोना टेस्ट किया जाएगा। जो मजदूर निगेटिव होंगे उन्हें 7 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए सभी DC को निर्देश दिया है। इससे संबंधित आदेश मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने जारी कर दिया है।
कई राज्यों में हुए लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर तेजी से वापस आ रहे हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का विस्तार न हो, इसलिए ये फैसला लिया है। राज्यवासियों की सुरक्षा के प्रति सरकार संवेदनशील है। प्रवासी श्रमिक बंधु साथ दें, जांच कराएं कोरोना को हराएं। हारेगा कोरोना तो जीतेगा झारखंड।
जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देश के कई राज्यों में लॉकडाउन लगा है। ऐसे में वहां काम कर रहे झारखंड के मजदूर वापस लौटेंगे। उनके वापस आने से ग्रामीण इलाकों में संक्रमण बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में उन्हें रोकने का पूरा बंदोबस्त करना होगा।
श्रमिकों का होगा रैपिड एंटीजन टेस्ट
आदेश में कहा गया है कि बाहर से लौटने वाले श्रमिकों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जायेगा। जो श्रमिक पॉजिटिव पाए जाएंगे उनका कोविक केयर्स सेंटर में इलाज किया जायेगा। जिन श्रमिकों की रिपोर्ट निगेटिव आएगी उन्हें भी सात दिनों के लिए क्वारंटीन रहना होगा। श्रमिकों को सात दिनों तक निगरानी में रखा जायेगा। सात दिन की अवधि पूरा होने के बाद उनका दोबारा टेस्ट किया जायेगा। यदि रिपोर्ट निगेटिव आई तो घर जाने दिया जायेगा। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इलाज किया जायेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का विस्तार न हो, इसलिए सरकार ने बढ़ाये कदम। राज्यवासियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील सरकार। प्रवासी श्रमिक बंधु साथ दें.. जांच कराएं #corona को हराएं.. हारेगा #corona जीतेगा #Jharkhand pic.twitter.com/YHaaqAQISf
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) May 5, 2021


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