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AI का विस्तार, लेकिन इंसानी हुनर पीछे नहीं छूटेगा…

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Kohramlive : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेज रफ्तार के बीच भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि तकनीक आगे बढ़ेगी, लेकिन मानव रचनात्मकता और कॉपीराइट की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। AI इम्पैक्ट समिट 2026 के मंच से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने टेक्नोलॉजी और कानून के संतुलित ढांचे की रूपरेखा पेश की, जिसमें इनोवेशन भी होगा और रचनाकारों के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे। मंत्री ने साफ कहा कि भारत सिर्फ नियमों से नहीं, बल्कि मजबूत तकनीकी सुरक्षा उपायों के साथ AI को नियंत्रित करेगा। उनका कहना था कि AI का विस्तार क्रिएटिव इकोनॉमी को मजबूत करे, लेकिन इससे रोजगार, कॉपीराइट और संस्थागत भरोसे को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिये। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानव रचनात्मकता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कॉपीराइट बनाम इनोवेशन: संतुलन की तलाश

समिट में मोशन पिक्चर एसोसिएशन के चेयरमैन चार्ल्स रिवकिन के साथ बातचीत में वैष्णव ने बताया कि AI मॉडल बड़े पैमाने पर सार्वजनिक और कॉपीराइट सामग्री पर ट्रेन होते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या क्रिएटर्स को उनका सही हक मिल रहा है? मंत्री बोले, “सिर्फ नियम बना देने से बात नहीं बनेगी। नई तकनीक, सहमति और संयुक्त व्यवस्था से ही इनोवेशन और आईपी राइट्स का संतुलन संभव है।” सरकार का मानना है कि पारंपरिक रेगुलेशन अकेले काफी नहीं होंगे। AI सिस्टम में ऐसे तकनीकी कंट्रोल होने चाहिये जो लेखन, मालिकाना हक, भुगतान और जवाबदेही जैसे मुद्दों को ट्रैक कर सकें। यानी आने वाले समय में AI के साथ ‘डिजिटल जिम्मेदारी’ भी अनिवार्य होगी। वैष्णव ने कहा कि AI खेती, मौसम पूर्वानुमान, जलवायु मॉडलिंग, नई सामग्री खोज और उत्पादकता बढ़ाने में गेमचेंजर साबित होगा। लेकिन साथ ही उन्होंने चेताया कि गलत इस्तेमाल से नुकसान भी बड़ा हो सकता है। सरकार का लक्ष्य साफ है कि “फायदे पूरे मिलें, जोखिम सीमित रहें।”

भारत की डिजिटल ताकत: स्किलिंग पर जोर

मंत्री ने कहा कि देश की बड़ी आबादी डिजिटल रूप से सक्षम है और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है। सरकार रीस्किल, अप-स्किल और न्यू-स्किल कार्यक्रमों के जरिये वर्कफोर्स को भविष्य के लिये तैयार कर रही है। उनका संदेश था कि नई तकनीक के साथ नये हुनर ही असली ताकत होंगे।

क्रिएटिव सेक्टर के लिये नई लैब, नया इकोसिस्टम

सरकार भारतीय क्रिएटिव टेक्नोलॉजी संस्थान (IICT) की शुरुआत कर रही है, जहां उन्नत लैब के जरिये क्रिएटिव इकोनॉमी को तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा। बजट में 15 हजार स्कूल और कॉलेज में कंटेंट क्रिएटर लैब खोलने की घोषणा भी की गई है, ताकि युवाओं को आधुनिक डिजिटल प्रोडक्शन टूल्स मिल सकें। मंत्री ने संकेत दिया कि जल्द ‘क्रिएट इन इंडिया मिशन’ शुरू होगा। इसका मकसद है, उद्योग, रोजगार और भविष्य के टैलेंट को एक साथ मजबूत करना। सरकार चाहती है कि आने वाले 25 साल में भारत दुनिया का पसंदीदा क्रिएशन प्लेटफॉर्म बने। वैष्णव ने चेतावनी दी कि डीपफेक और गलत सूचना समाज के भरोसे को तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा “नॉन-नेगोशिएबल” है और ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को भारत के सांस्कृतिक व संवैधानिक मानकों का सम्मान करना होगा।

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