नई दिल्ली : देश में कोरोना का संक्रमण काफी तेजी से बढ़ रहा है। हर दिन रिकॉर्ड संक्रमित मिल रहे हैं। वहीं ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों मरीज दम तोड़ रहे हैं। इस बीच एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार को भारत के ड्रग्स रेगुलेटर की ओर से Zydus की Virafin को मंजूरी दे दी गई है। जानकारी के अनुसार इस दवा का इस्तेमाल कोरोना पीड़ितों के इलाज में किया जा सकेगा।
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जानकारी के मुताबिक जायडस कैडिला ने विराफिन के ह्यूमन ट्रायल में तकरीबन 25 सेंटर्स का इस्तेमाल किया। जिसमें दावा किया जा रहा है कि विराफिन के इस्तेमाल के बाद मरीज को ऑक्सीजन की भी जरूरत नहीं रह गयी। इस दावे के बाद माना जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी से मर रहे मरीजों की संख्या में कमी आएगी। यह कोरोना के दौरान होने वाले सांस संबंधी परेशानी को दूर करने में मदद करता है। जायडस का दावा है कि इस दवा के इस्तेमाल के बाद 7 दिन में 91.15 फीसदी कोरोना पीड़ितों का RT-PCR टेस्ट निगेटिव आया है।
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बताया जा रहा है कि यह एक ऐसी दवा है जिसे COVID-19 के बीमार रोगियों के इलाज के लिए फिर से तैयार किया गया है। इस दवा का इस्तेमाल हेपेटाइटिस सी के इलाज के लिए किया जा रहा था। डेवलपर्स का दावा है कि इस दवा की मदद से कोरोना रोगियों को बीमारी से लड़ने और जल्दी रिकवरी में मदद मिलेगी।
250 मरीजों पर किया गया टेस्ट
इस दवा को भारत के 25 केंद्रों में करीब 250 मरीजों पर टेस्ट किया गया। इस दौरान यह देखा गया है कि Pegylated Interferon Alpha 2b के इस्तेमाल पर मरीजों को सप्लीमेंट ऑक्सीजन (Oxygen) की कम आवश्यकता महसूस हुई। इसका मतलब है कि ये दवा रेसपिरेटरी डिस्ट्रेस और विफलता को कंट्रोल करने में सक्षम रही है, जो अभी तक कोविड-19 मरीजों के इलाज में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहा है।
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